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राज्यपाल अनुसुइया उइके ने 'भूलन द मेज' फिल्म के कलाकारों का किया सम्मान

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा- छत्तीसगढ़ी फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना प्रदेश के लिए गर्व की बात। पढ़िए पूरी खबर-

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने भूलन द मेज फिल्म के कलाकारों का किया सम्मान
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रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से छत्तीसगढ़ी फिल्म 'भूलन द मेज' के निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा एवं कलाकारों ने आज राजभवन में सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल ने मनोज वर्मा एवं उनकी पूरी टीम को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के तहत रीजनल केटेगरी में बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने मनोज वर्मा सहित अन्य कलाकारों का सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश में बनी और प्रदेश की कथानक पर आधारित फिल्म को यह पुरस्कार मिला है। यह आपकी पूरी टीम के मेहनत और लगन का परिणाम है। मैं आप सभी की उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं। आप इसी तरह मेहनत करते रहें और छत्तीसगढ़ का नाम पूरे विश्व में रोशन करें।

राज्यपाल ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के सामाजिक समस्याओं तथा नक्सल समस्या, कारण और उसके समाधान पर आधारित फिल्म बनाएं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों की मदद तथा यहां पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास के लिए यथासंभव मदद देने का आश्वासन दिया।

फिल्म निर्माता-निर्देशक श्री वर्मा ने बताया कि यह फिल्म लेखक संजीव बख्शी के उपन्यास 'भूलन कांदा' पर आधारित है। 'भूलन कांदा' छत्तीसगढ़ के जंगल में पाए जाने वाले ऐसी वनस्पति है, जिस पर पैर रखने से कोई व्यक्ति अपना सुध-बुध खो बैठता है और जब तक कोई उसे याद न दिलाए उसकी याददाश्त वापस नहीं आती। यह सामाजिक व्यवस्थाओं के अंतर पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में सामाजिक तंत्र और व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए संदेश दिया गया है। यह फिल्म 34 दिन में बनाई गई है, जो करीब दो घंटे 10 मिनट की अवधि की है। इस फिल्म को बनाते समय हमें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा, परन्तु पूरी टीम की मेहनत, लगन और इच्छाशक्ति के फलस्वरूप इस फिल्म का निर्माण कर पाए। इस मौके पर कलाकार पुष्पेन्द्र सिंह एवं अनुराधा दुबे भी मौजूद थी।

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