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भगवान भरोसे चल रहा था समर्थ दिव्यांग केंद्र: बच्चियों से दरिंदगी के बाद खुलने लगीं कर्मचारियों और अफसरों की करतूतें

अफसरों को पता था, रोज शराब पीकर आते थे कर्मचारी, शिकायतों के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे अफसर, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो उनका हौसला बढ़ता चला गया पढ़िये पूरी खबर:-

भगवान भरोसे चल रहा था समर्थ दिव्यांग केंद्र: बच्चियों से दरिंदगी के बाद खुलने लगीं कर्मचारियों और अफसरों की करतूतें
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रायपुर। राज्य के सुदूर उत्तर पूर्व में जशपुर जिला मुख्यालय में स्थित समर्थ दिव्यांग केंद्र में मूक-बधिर बच्चियों से दरिंदगी के बाद वहां व्याप्त अनियमितताएं और लापरवाहियों की परतें अब खुलने लगी हैं। केंद्र में कोई नियम कायदे नहीं माने जाते थे। यहां तक कि दिव्यांग केंद्र,छात्र-छात्राएं,कर्मचारी, रायपुरअक्सर शराब पीकर आते थे, और ये बात सभ को पता भी थी, लेकिन किसी ने भी कोई कार्रवाई कभी नहीं की। बल्कि शिकायतों के बावजूद अफसरों ने अनदेखी की। छात्र-छात्राएं एक ही कैंपस में रहती थीं। रात में महिला के नाम पर वहां सिर्फ एक स्वीपर रहती थी। करीब 10 माह पहले लोदाम से समर्थ दिव्यांग केंद्र को जिला मुख्यालय के पास शिफ्ट किया गया था। आरोपी दोनों कर्मचारी चौकीदार नरेंद्र भगत और केयर टेकर राजेश राम काफी समय से यहां काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि चौकीदार नरेंद्र तो आए दिन शराब पीकर ही हॉस्टल में घुसता था। केंद्र में पदस्थ कर्मचारी बताते हैं कि विभाग के अफसरों को कई बार चौकीदार के शराब पीकर हॉस्टल आने की शिकायत मौखिक रूप से की गई थी। उसे हटाने की मांग भी हुई, पर अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। स्टाफ के टोकने और शिकायत करने से दोनों आरोपियों को पता चल चुका था कि शराब पीकर हॉस्टल में रहने का पता अफसरों को चल गया है। वे यह भी जानते थे कि शिकायत की गई है, लेकिन जब कार्रवाई नहीं हुई तो उनका हौसला बढ़ता चला गया।

सालों पहले भी हो चुकी है वारदात

इस तरह के हॉस्टल में रह रही छात्रा के साथ रेप की यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले साल 2011 में मनोरा विकासखंड के ग्राम गुतकिया में ऐसी वारदात सामने आई थी। उस वक्त हॉस्टल अधीक्षक के पति ने पहाड़ी जनजाति की एक छात्रा के साथ कई दिनों तक अनाचार किया था। अनाचार की शिकार पहाड़ी कोरवा छात्रा जब गर्भवती हो गई थी तब घटना पर से पर्दा उठ पाया था। मामले को लेकर हॉस्टल अधीक्षिका से लेकर बीईओ तक कार्रवाई की गाज गिरी थी।

महिला सुरक्षा गार्डों की मांग

छात्राओं की आवासीय शिक्षा के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से 85 आश्रम और छात्रावास संचालित हैं। इसमें विशिष्ट छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास, प्राथमिक कन्या छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। इनमें ये दिव्यांग केंद्र शामिल नहीं है। अफसरों के मुताबिक सभी कन्या छात्रावासों में हॉस्टल अधीक्षक से लेकर चपरासी व रसोइया तक महिलाएं पदस्थ की गई हैं। दिव्यांग केंद्र की इस घटना के बाद अब विभाग के सहायक आयुक्त ने पुलिस को पत्र लिखकर सभी गर्ल्स हॉस्टल में महिला होमगार्ड की मांग की है।

BJP सरकार पर हमलावर, जांच के लिए कमेटी

दिव्यांग केंद्र में दरिंदगी की घटना सामने आने के बाद BJP ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि घटना को लेकर BJP जांच कमेटी गठित कर रही है। सांसद गोमती साय ने कहा है कि यह घटना घोर निंदनीय है। बेटियां सरकार के संरक्षण में हॉस्टल में भी सुरक्षित नहीं हैं। बाहर की बात करना ही बेमानी है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। बीते ढाई साल में प्रदेश भर में शिक्षा का स्तर बेहद गिर चुका है।

बच्ची से दुष्कर्म और 5 का यौन उत्पीड़न

दिव्यांग केंद्र में 22 सितंबर की रात करीब 11 बजे शराब के नशे में धुत होकर केयर टेकर राजेश राम और चौकीदार नरेंद्र भगत ने मूक-बधिर बच्चों से मारपीट और अश्लील हरकतें की थीं। उनके कपड़े फाड़ दिए। चौकीदार ने 15 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म किया। जबकि 5 बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया गया।

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