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स्वतंत्रता दिवस पर 28 जिलों के कलेक्टोरेट परिसर में होगी गढ़कलेवा की शुरुआत

संस्कृति विभाग ने सभी जिलाें के कलेक्टरों को लिखा पत्र

स्वतंत्रता दिवस पर 28 जिलों के कलेक्टोरेट परिसर में होगी गढ़कलेवा की शुरुआत
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रायपुर. छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को बढ़ावा देने संस्कृति विभाग सभी 28 जिलों में छत्तीसगढ़ी व्यंजन उपलब्ध कराने गढ़कलेवा रेस्टोरेंट खोलेगा। इसका संचालन 15 अगस्त से सभी जिलाें के कलेक्टोरेट परिसर में शुरू होगा। इसके लिए विभाग ने प्रपोजल तैयार कर सभी कलेक्टराें को आदेश जारी कर दिया है।

अब छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसने की गढ़कलेवा थीम सिर्फ राजधानी तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी गढ़कलेवा में बनी ठेठरी, खुरमी, चीला-फरा का स्वाद मिलेगा। रायपुर में पहले से ही कलेक्टोरेट के सामने संस्कृति विभाग के परिसर एवं नगर निगम परिसर में गढ़कलेवा संचालित है। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संचालनालय परिसर में संचालित हो रही गढ़कलेवा की लाेकप्रियता को देखते हुए, इस ट्रेडिशनल फूड रेस्टोरेंट थीम को प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है। संस्कृति मंत्रालय से इस प्रपोजल को स्वीकृति मिल गई है। संचालक ने कहा कि पिछले पांच सालों में गढ़कलेवा का स्वाद राज्य ही नहीं, बल्कि देश-विदेश तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का क्रेज युवाओं से लेकर सभी वर्ग में काफी तेजी से बढ़ा है। यह थीम संस्कृति को पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। लोगों को गढ़कलेवा का चीला-फरा खींच ला रहा है। ऐसे में इसे बड़े स्तर पर प्रमोट करने संस्कृति विभाग ने यह योजना बनाई है, जो अब साकार रूप लेने जा रही है।

मेनू में शामिल होंगे और व्यंजन

गढ़कलेवा में मिलने वाले फरा-चीला के साथ छत्तीसगढ़ के अलग-अलग अंचलों के स्थानीय व्यंजनों काे भी मेनू में शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा प्रकार के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लोगों को उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही हाईप्रोफाइल रेस्टोरेंट की तुलना में आधी कीमत पर हेल्दी व हाइजेनिक छत्तीसगढ़ी डिश व थाली परोसी जाएगी।

स्वसहायता समूह करेगा संचालन

जिलों में इसे चलाने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को संचालन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग ने इसकी रूपरेखा तैयार कर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला कलेक्टरों को जगह चिन्हांकित करने पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट के लिए भवन की व्यवस्था व उसकी डेकोरेशन थीम भी तय की जा रही है।

पुराना गढ़कलेवा विभाग में ही होगा संचालित

संस्कृति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में गढ़कलेवा का संचालन स्व-सहायता समूह के माध्यम से संस्कृति विभाग के परिसर में विगत 5 सालों से हो रहा है, इसलिए इस पुराने गढ़कलेवा का संचालन नियमित रूप से वहीं होता रहेगा।

पत्र भेजा है

जेआर भगत, प्रभारी अधिकारी गढ़कलेवा ने बताया प्रदेश के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशानुसार संस्कृति विभाग राज्य के सभी जिलों के कलेक्ट्रेट परिसर में गढ़कलेवा का संचालन 15 अगस्त से महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शुरू करने जा रहा है। इसके लिए स्थान व व्यवस्था बनाने सभी कलेक्टरों को पत्र भेज दिया गया है।

दो चरणों में होगी शुरुआत

प्रदेश के सभी जिलों कलेक्टोरेट, जिला पंचायत कार्यालयों व अन्य व्यावसायिक परिसरों से दो चरणों में गढ़कलेवा संचालन की रूपरेखा तैयारी की गई है। पहले चरण में 15 अगस्त से राज्य के सभी कलेक्टोरेट, जिला पंचायत कार्यालयों में पारंपरिक व्यंजन परोसने गढ़कलेवा की शुरुआत की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी संबधित कलेक्टरों व संस्कृति विभाग के अधिकारियों की विशेष टीम को दी गई है।

- अमृत विकास तोपनो, संचालक, संस्कृति विभाग

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