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छत्तीसगढ़ में निर्मित वनौषधि की अब आयुष मंत्रालय में होगी आपूर्ति

राज्य के वनक्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औषधि गुण वाली वस्पति उपजती हैं। इन वनस्पतियों का अब वन विभाग व्यावसायिक उपयोग करने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए राज्य लघु वनोपज संघ पाटन तथा जामगांव एम में प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। प्लांट लगाने वनोपज संघ जुलाई में टेंडर निकालने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में निर्मित वनौषधि की अब आयुष मंत्रालय में होगी आपूर्ति
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आयुर्वेद (फाइल फोटो)

राज्य के वनक्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औषधि गुण वाली वस्पति उपजती हैं। इन वनस्पतियों का अब वन विभाग व्यावसायिक उपयोग करने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए राज्य लघु वनोपज संघ पाटन तथा जामगांव एम में प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है। प्लांट लगाने वनोपज संघ जुलाई में टेंडर निकालने जा रहा है। मेडिसिन प्लांट तथा वनोपज प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपए आंक रहे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध निदेशक एवं पीसीसीएफ संजय शुक्ला के मुताबिक पाटन में 30 एकड़ भू-भाग में आयुर्वेद मेडिसिन प्लांट लगाए जाएंगे। इसकी लागत 20 से 30 करोड़ रुपए आएगी। साथ ही 20 एकड़ में वनोपज से संबंधित महुआ, इमली, लाख, बेल, जामुन, आंवला से संबंधित प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे। अफसर के अनुसार मेडिसिन प्लांट लगाने केरल की औषधीय कार्पोरेशन संस्था कीटको से तकनीकी मदद ली जाएगी। इसके लिए कंपनी से एग्रीमेंट किया जा चुका है। अफसर के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेडिसिन तथा प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।

आयुश मंत्रालय को आयुर्वेदिक दवा

अफसर के अनुसार प्लांट लगने के बाद आयुर्वेदिक दवाओं का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा। साथ ही इन दवाओं की केंद्रीय आयुष मंत्रालय को आपूर्ति की जाएगी। साथ ही दवाओं का व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। अफसर के अनुसार उत्पादन शुरू होने के बाद एक वर्ष में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा की आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन होगा।

महुआ से बनेगा एनर्जिक बार

अफसर के अनुसार राज्य के वनों में बड़े पैमाने पर वनोपज की उत्पत्ति होती है। इन वनोपज का व्यवस्थित तरीके से व्यावसायिक उपयोग किया जाएगा। अफसर ने महुआ से एनर्जिक बार बनाने के साथ अन्य व्यावसायिक उपयोगिता में लाने की बात कही। इसी तरह से इमली तथा अन्य वनोपज के गुदा से लेकर बीज तक को प्रोसेस कर व्यावसायिक उपयोग करने की बात कहा।

प्राइवेट संस्थान भी लगा सकते हैं प्लांट

उल्लेखनीय है कि राज्य लघु वनोपज संघ स्वयं के मेडिसिन प्लांट के साथ प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों को पाटन तथा जामगांव एम में वनौषधि से जुड़े प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित करेगा। साथ ही यहां प्रोसेस किए गए वनोपज तथा दवा को सुरक्षित रखने कोल्ड स्टोरेज बनाएगा।

आय बढ़ाने के लिए प्लांट लगा रहे

वनोपज का व्यवसाय करने वन ग्राम के साथ ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने राज्य लघु वनोेपज संघ के अफसर मेडिसिन प्लांट के साथ वनोपज प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की बात कह रहे हैं। अफसरों को अनुसार वनोपज एकत्र कर बेचने वाले ग्रामीणों को जितनी आमदनी वर्तमान में हो रही है प्लांट लगने के बाद उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ जाएगी।



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