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पुस्तक निगम के पांच अफसर फंसे, सरकार ने दी एफआईआर की अनुमति

कांग्रेस नेता तिवारी ने शिक्षामंत्री से की कार्रवाई की मांग

पुस्तक निगम के पांच अफसर फंसे, सरकार ने दी एफआईआर की अनुमति
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रायपुर. छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में राज्य सरकार ने निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुमति दी है। बताया गया है कि इस मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि साढ़े 6 करोड़ रुपए से अधिक का अनियमित भुगतान किया गया है।

इन लोगों पर होगी एफआईआर: राज्य शासन ने जिन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की अनुमति दी है, उनमें पाठ्यपुस्तक निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी, दीप्ति अग्रवाल वरिष्ठ प्रबंधक वित्त सहायक संचालक संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन, सच्चिदानंद शास्त्री, वरिष्ठ प्रबंधक वितरण व्याख्याता एससीईआरटी, जे शंकर वरिष्ठ प्रबंधक (प्रशासन) प्रार्चाय शा. हाईस्कूल ननसिया जिला रायगढ़ व संजय पिल्ले उप प्रबंधक (मुद्रण) पाठ्य पुस्तक निगम शामिल हैं।

ये है मामला

प्रदेश के स्कूलों में ग्रीन बोर्ड, रेट्रो रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगाने के लिए पाठ्य पुस्तक निगम ने निविदा जारी की थी। इसकी जांच के लिए निगम द्वारा एक जांच समिति बनाई गई थी। इस समिति में रूपेश गभने, प्रभारी मुद्रण, रेख राज चौरागडे, प्रभारी वितरण, नंदकुमार नेताम आडिटर शामिल थे। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि निविदाकारों के हस्ताक्षर के बगैर प्राप्त निविदाओं में जिसमें कूट रचित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे, उनका छग भंडार क्रय नियम 2002 संशोधित 2004 के प्रावधानों के अनुसार भलिभांति परीक्षण किए बगैर निविदा स्वीकृति की अनुशंसा कर दी गई।

फर्जी दस्तावेज बनावटी प्रतियोगिता

जांच रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि निविदा प्रक्रिया में फर्जी एवं बनावटी प्रतियोगी निविदाएं व कूट रचित दस्तावेजों में पाए गए तथ्यों के अनुसार मेसर्स न्यू क्रिएटिव फाइबर ग्लास रायपुर, मेसर्स मिनी सिगनासेस रायपुर तथा एसआर इंटर प्राइजेसेस के नाम से छल कटप पूर्वक फर्जी एवं बनावटी प्रतियोगी निविदाएं प्रस्तुत करने तथा मेसर्स होप एंटरप्राइजेसेस सुंदर नगर रायपुर को अपात्र होते हुए भी निविदा स्वीकृित की अनुशंसा की गई। इस पूरी गड़बड़ी में 6 करोड़ 55 लाख 48 हजार 598 रुपए का अनियमित भुगतान हुआ।

करोड़ों घोटाला, शासन को पहुंचाई हानि

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के युवा नेता विनोद तिवारी ने मंगलवार को शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह से मुलाकात कर पाठ्यपुस्तक निगम घोटाले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिक्षामंत्री को ज्ञापन में कहा गया की पाठ्य पुस्तक निगम में लगातार करोड़ों का घोटाला कर शासन को हानि पहुंचाई जा रही है तथा पापुनि के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी स्वयं इन घोटालों के रचनाकार हैं। खेद का विषय है कि नियम विरुद्ध व निविदा प्रक्रिया काे धता बताकर अपने संबंधियों, रिश्तेदारों तथा दलालों की दाग़ी फ़र्मों को ठेका देकर शासन को चूना लगाने की जांच रिपोर्ट आ जाने के बावजूद श्री चतुर्वेदी पर अभी तक कार्रवाई नही हो पाई है, जबकि उनके विरुद्ध जांच समिति ने एक मामले में पुलिस अन्वेषण तथा एफआईआर किए जाने की अनुशंसा भी की गई है। इसके बावजूद वे महाप्रबंधक पद पर लगातार बने हुए हैं। तथा जांच को प्रभावित व दस्तावेजों में हेर-फेर कर रहे हैं।

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