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RTE के लिए पहली लॉटरी आज, बीते साल का 300 करोड़ अब तक बकाया

शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाने पहली लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। आरटीई के लिए इस बार आवेदन फरवरी अंत में शुरू हुए थे और पालकों को 10 जुलाई तक का समय आवेदन के लिए दिया गया था। आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद अब पहली लॉटरी बुधवार को निकलेगी।

RTE के लिए पहली लॉटरी आज, बीते साल का 300 करोड़ अब तक बकाया
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रायपुर. शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाने पहली लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। आरटीई के लिए इस बार आवेदन फरवरी अंत में शुरू हुए थे और पालकों को 10 जुलाई तक का समय आवेदन के लिए दिया गया था। आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद अब पहली लॉटरी बुधवार को निकलेगी।

प्रदेश के 6,482 स्कूलों की 81,452 सीटों पर शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रवेश दिया जाना है। निर्धारित वक्त तक लोक शिक्षण संचालनालय को 79,444 आवेदन प्राप्त हुए हैं। रायपुर के 831 स्कूलाें में आरटीई की 8671 सीटें हैं। इसके लिए 10,545 पालकों ने आवेदन किया है। लॉटरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड होगी। लॉटरी के बाद सीटें रिक्त रह जाने की स्थिति में दोबारा लॉटरी निकाली जाएगी। हालांकि इसके लिए अभी तिथि निर्धारित नहीं की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉटरी निकाले जाने के साथ ही संबंधित स्कूलाें में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी पालकों को निश्चित अवधि के दौरान मांगे गए दस्तावेज स्कूलों में जमा करने होंगे।

छोटे स्कूल मुश्किल में

शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2020-21 के लिए सीटों का आवंटन किया जा रहा है, लेकिन अब तक बीते सत्र की आरटीई की राशि ही निजी स्कूलों को प्रदान नहीं की जा सकी है। लगभग 300 करोड़ की राशि सरकार को प्रदेश के निजी स्कूलों को प्रदान करनी है। इसमें अकेले रायपुर जिले के स्कूलों के ही लगभग 30 करोड़ रुपए बाकी हैं। कुछ दिनों पूर्व ही सत्र 2018-19 के लिए राशि जारी की गई है। सरकार द्वारा निजी स्कूलों को आरटीई के अंतर्गत फीस का बकाया न किए जाने के कारण सबसे अधिक छोटे स्कूल परेशान हैं। उनकी आमदनी का एक जरिया शासन से मिलने वाली आरटीई की फीस भी है। नए वर्ष की सीटों के आवंटन से पूर्व पिछली बकाया राशि की भी वे मांग कर रहे हैं।

सरकार ने फीस लेने पर रोक लगा दी है। दूसरी तरफ आरटीई की बकाया राशि भी नहीं दी गई है। दोनों चीजों ने मिलकर छोटे निजी स्कूलों की कमर तोड़ दी है।

- राजीव गुप्ता, सचिव, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

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