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किसानों को चाहिए धान खरीदी केंद्र : रायपुर-देवभोग सड़क 5 घंटे तक रहा जाम; कांग्रेस कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल

किसानों ने गौरघाट में नेशनल हाइवे 130 सी में चक्काजाम कर दिया। जिसके चलते 5 घंटे तक रायपुर-देवभोग मार्ग बंद रहा। किसानों की मांग है कि गौरघाट में धान खरीदी केंद्र खोला जाए। इस चक्काजाम में आसपास के 4 गांव के किसान शामिल हुए हैं। किसानों के इस प्रदर्शन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया है। पढ़िए पूरी खबर...

किसानों को चाहिए धान खरीदी केंद्र : रायपुर-देवभोग सड़क 5 घंटे तक रहा जाम; कांग्रेस कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल
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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी बड़ा मुद्दा होता है। इस साल भी खरीदी एक दिसंबर से होनी है, पर बवाल पहले ही मचने लगा है। प्रदेश के कई स्थानों में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग उठ रही है। ऐसी ही एक मांग गरियाबंद जिले में भी उठी है। इसी मांग को लेकर किसानों ने गौरघाट में नेशनल हाइवे 130 सी में चक्काजाम कर दिया। जिसके चलते 5 घंटे तक रायपुर-देवभोग मार्ग बंद रहा। किसानों की मांग है कि गौरघाट में धान खरीदी केंद्र खोला जाए। इस चक्काजाम में आसपास के 4 गांव के किसान शामिल हुए हैं। किसानों के इस प्रदर्शन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपना समर्थन दिया है।

गौरघाट में नेशनल हाइवे 130 सी में सुबह 10.30 बजे से गोपालपुर, दबनई, देहरगुड़ा और हरदीभाठा के सैकड़ों किसान पहुंचे। इसके बाद किसान सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची है और उन्हें समझाने में लगी रही। मगर किसान प्रशासन की बात सुनने को तैयार नहीं थे। देर शाम तक उनका प्रदर्शन जारी रहा। हालांकि शाम तक किसान सड़क से उठकर, रोड किनारे प्रदर्शन करने लगे।

मैनपुर जाकर बेचना पउ़ता है धान

किसानों के चक्काजाम की वजह से दोनों तरफ से वाहनों की कतारें लगी रहीं। प्रदर्शन करने बैठे किसानों का कहना है कि गौरघाट में धान खरीदी केंद्र नहीं खुलने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। किसानों ने बताया कि अभी उन्हें 15 किलोमीटर का सफर तय कर मैनपुर धान बेचने जाना पड़ता है। जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी होती है। कई बार भीड़ होने की वजह से एक दिन में धान नहीं बिक पाता। आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।

पिछले साल किया था वादा

किसानों ने बताया हर साल इसी तरह की समस्या होती है। पिछले साल भी हमने गोरघाट में खरीदी केंद्र खोलने की मांग की थी। इसके लिए प्रशासन से लेकर प्रभारी मंत्री तक हमने बात की थी। तब हमें कहा गया था अगले साल यानि इस साल खरीदी केंद्र खोल दिए जाएंगे। मगर अब कुछ ही दिन धान खीरीदी को बचे हैं। इसके बावजूद अब तक खरीदी केंद्र नहीं खोला गया। उन्होंने बताया कि अब हम आश्वासन नहीं सुनेंगे। अब जब खरीदी केंद्र खुलेगा, तब ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।

कांग्रेस कार्यकर्ता भी किसानों के साथ, सामतूहिक इस्तीफे की चेतावनी

किसानों के इस प्रदर्शन की सबसे खास बात ये रही कि इसमें कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार हमारी ही नहीं सुन रही। कार्यकर्ताओं ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर 1 दिसंबर के पहले यहां नया धान खरीदी केंद्र नहीं खुलता है तो हम सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा हमने इस संबंध में जिला अध्यक्ष को भी सूचना दे दी है।




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