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खरीफ फसल के लिए किसानों को मिला 2 हजार 721 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त कृषि ऋण

गतवर्ष की तुलना में अब तक किसानों को 1183 करोड़ रुपए अधिक ऋण वितरित

खरीफ फसल के लिए किसानों को मिला 2 हजार 721 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त कृषि ऋण
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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेेल के नेेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में खेती किसानी को बढ़ावा देने और किसानों को समय पर खाद, बीज सहित अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से ब्याज मुक्त कृषि ऋण मुहैया कराया जा रहा है। इस वर्ष खरीफ में राज्य के किसानों को 4 हजार 600 करोड़ रूपए का ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य केे विरूद्ध चालू खरीफ फसल के लिए अब तक 7.65 लाख किसानों को 2 हजार 721 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित किया गया है। जबकि गतवर्ष इसी अवधि तक एक हजार 538 करोड़ रूपए का कृषि ऋण वितरित किया गया था। इस प्रकार किसानों को इस खरीफ में अब तक 1183 करोड़ रूपए का अधिक ऋण वितरण हो चुका है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर किसानों को ऋण और खाद-बीज के वितरण के लिए सहकारी समितियों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। खरीफ फसलों के लिए सहकारिता के माध्यम से कुल 6.35 मीट्रिक टन रासायनिक खाद के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है। 26 जून तक सहकारी समितियों में 5.77 लाख मी.टन खाद का भंडारण किया जा चुका है जो कि कुल लक्ष्य का 90.81 प्रतिशत है। सहकारी समितियों द्वारा 4.53 लाख टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जोकि लक्ष्य का 71 प्रतिशत है। जबकि पिछले साल इसी समय तक सहकारी समितियों द्वारा 2.43 लाख मी.टन रासायनिक खाद का वितरण किया गया था। गत वर्ष की तुलना में इस साल 2.10 लाख टन अधिक खाद का वितरण सहकारी समितियों द्वारा किया गया है।

खरीफ फसल के लिए बीज निगम द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से 5.88 लाख क्विंटल उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीज का भंडारण कराया गया है। 26 जून की स्थिति में कुल 4.52 लाख क्विंटल का उठाव किसानों द्वारा कर लिया गया है। गत वर्ष इसी अवधि में सहकारी समितियों में 4.98 लाख क्ंिवटल प्रमाणित बीज का भंडारण एवं 2.88 लाख क्विंटल का वितरण किसानों को किया गया था। इसी अवधि की तुलना में गत वर्ष से 1.64 लाख क्ंिवटल का प्रमाणित बीज अधिक वितरित किया गया है।

इस वर्ष राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य को अब तक 1150 करोड़ रूपए की विशेष एवं अतिरिक्त साख सीमा स्वीकृत कंी गई है। जिसके विरूद्ध अब तक 740 करोड़ रूपए का आहरण राज्य सहकारी बैंकों द्वारा कर लिया गया है। राज्य सरकार की किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रथम किस्त के रूप में 18.35 लाख किसानों के खाते में 1492 करोड रूपए जमा किए जाने से खेती के प्रति किसानों में रूझान और भी बढ़ा है।

देश में जारी कोविड-19 महामारी के दौर में भी राज्य के कृषि क्षेत्र में हुई वृद्धि सुखद और सुकूनदायक है। मानसून के समय पर आगमन एवं कृषि आदान की समय पर अच्छी व्यवस्था से राज्य में इस वर्ष खरीफ फसल के अच्छे उत्पादन की संभावना बढ़ गई है, जिससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में और भी सुधार होने के अच्छे संकेत दिख रहे हैं। सहकारी समितियों की कृषि आदान व्यवस्था को चुस्त एवं गतिशील करने हेतु कृषि विभाग के साथ ही सहकारिता विभाग, पंजीयक सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ प्रबंध संचालक विपणन संघ एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की भी अहम भूमिका रही है। राज्य स्तर पर प्रतिदिन कृषि आदानों की मॉनिटरिंग किए जाने से ही कृषि आदान के क्षेत्र में अच्छी स्थिति निर्मित हुई है।

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