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मृत्यु के बाद भी 23 महीने तक जीती रही बिसाखा बाई, हर महीने सचिव के पास सिर्फ पेंशन लेने आती थी...

मृत्यु के बाद भी जिंदा रहने की घटनाएँ, कभी सरकारी फाइलों में जिंदा आदमी को मरा हुआ घोषित कर देने का मामला. लोकतंत्र के प्रतिनिधियों के लिए कोई कठिन काम नहीं है. कभी जिंदा आदमी को मरा हुआ बताकर पेंशन हड़पते रहना, कभी मरा हुआ आदमी को जिंदा बताकर उसका पेंशन बंद कर देना. ये सब कुछ सरकारी फाइलों में होना बहुत आम हो गया है. ऐसा ही एक नया मामला बालोद जिले से सामने आया है.

मृत्यु के बाद भी 23 महीने तक जीती रही बिसाखा बाई, हर महीने सचिव के पास सिर्फ पेंशन लेने आती थी...
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बालोद. मृत्यु के बाद भी जिंदा रहने की घटनाएँ, कभी सरकारी फाइलों में जिंदा आदमी को मरा हुआ घोषित कर देने का मामला. लोकतंत्र के प्रतिनिधियों के लिए कोई कठिन काम नहीं है. कभी जिंदा आदमी को मरा हुआ बताकर पेंशन हड़पते रहना, कभी मरा हुआ आदमी को जिंदा बताकर उसका पेंशन बंद कर देना. ये सब कुछ सरकारी फाइलों में होना बहुत आम हो गया है. ऐसा ही एक नया मामला बालोद जिले से सामने आया है.

मृत व्यक्ति को जिंदा बताकर ग्राम पंचायत कचांदुर के सचिव दुर्गेश सोनी ने पेंशन राशि में गड़बड़ी की है. दुर्गेश सोनी ने गांव की महिला बिसाखा बाई के मृत्यु के बाद भी जीवित बताकर 23 माह तक पेंशन निकालता रहा. जाँच में खुलासा हुआ है कि सचिव ने 49 हजार से अधिक का गबन किया है. शिकायत के बाद गुंडरदेही थाने में सचिव के खिलाफ धारा 420 ,409 तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

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