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अब ब्लैक बोर्ड नहीं, टच स्क्रीन बोर्ड से पढ़ाई, चंद सेकंड में सामने होंगे चित्र और फॅार्मूले

शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के छात्रों की पढ़ाई भी अब हाईटेक होगी। स्मार्ट क्लास रूम से एक कदम आगे बढ़ते हुए अब छात्रों को स्मार्ट बोर्ड की भी सुविधा दिए जाने की तैयारी है। कक्षाओं में ब्लैक बोर्ड के स्थान पर टच स्क्रीन बोर्ड लगाया जाएगा। इस बोर्ड को मोबाइल फोन, कंप्यूटर या किसी भी अन्य डिवाइस से भी कनेक्ट किया जा सकेगा।

अब ब्लैक बोर्ड नहीं, टच स्क्रीन बोर्ड से पढ़ाई, चंद सेकंड में सामने होंगे चित्र और फॅार्मूले
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डिजिटल बोर्ड (प्रतीकात्मक फोटो)

शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के छात्रों की पढ़ाई भी अब हाईटेक होगी। स्मार्ट क्लास रूम से एक कदम आगे बढ़ते हुए अब छात्रों को स्मार्ट बोर्ड की भी सुविधा दिए जाने की तैयारी है। कक्षाओं में ब्लैक बोर्ड के स्थान पर टच स्क्रीन बोर्ड लगाया जाएगा। इस बोर्ड को मोबाइल फोन, कंप्यूटर या किसी भी अन्य डिवाइस से भी कनेक्ट किया जा सकेगा। स्मार्ट बोर्ड में दिए गए मेन्यू पर टच करते ही पाठ्यक्रम का वह हिस्सा सामने आ जाएगा जिसे छात्रों को पढ़ाया जाना है।

भाठागांव में मौजूदा सत्र से प्रारंभ किए गए शासकीय इंग्लिश माध्यम स्कूल से इसके शुरुआत की जाएगी। जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा इसके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्कूल के रेनोवेशन, स्मार्ट बोर्ड सहित अन्य सुविधाओं के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। इसके लिए 4 करोड़ रुपए शासन से मांगे गए हैं। राशि मिलने के पश्चात इस दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी स्कूल होगा जहां इस तरह का प्रयोग किए जाने की तैयारी है।

बचेगा समय

शिक्षकों के लिए अब किसी भी मॉडल, विज्ञान संबंधित उपकरणों अथवा दृश्यों, फॉर्मूले व अन्य चीजों का वर्णन करना आसान होगा। शिक्षकों को इन्हें ब्लैक बोर्ड पर लिखने अथवा चित्र बनाने की जरूरत नहीं होगी। एक क्लिक से ही ये सभी चीजें टच स्क्रीन बोर्ड पर आ जाएंगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि इन चित्रों को जूम करके बारिकियां बताना भी शिक्षकों के लिए संभव होगा। चित्र सहित अन्य सामग्री के रंगीन होने के कारण छात्रों की दिलचस्पी भी इसमें बढ़ेगी और उनमें तथ्यों की समझ विकसित हो सकेगी।

अब तक सिर्फ प्रोजेक्टर

लगभग सभी शासकीय विद्यालयों में ब्लैक बोर्ड की सुविधा ही छात्रों को दी गई है। शासकीय इंग्लिश माध्यम विद्यालयों में तथा उन हिंदी माध्यम स्कूलों में जहां स्मार्ट क्लासरूप बनाए गए हैं वहां भी इस तरह की सुविधा नहीं है। यहां कक्षा में सिर्फ प्रोजेक्टर की ही व्यवस्था है। प्रोजेक्टर से कंप्यूटर, मोबाइल फोन अथवा अन्य सिस्टम को जोड़कर छात्रों को जानकारी दी जाती रही है। इसका भी प्रयोग नियमित रूप से नहीं किया जाता है। विशेष चीजें प्रदर्शित करने अथवा समझाने के लिए ही इसका इस्तेमाल होता रहा है। इसके उलट स्मार्ट बोर्ड का प्रयोग रोजाना पढ़ाई के दौरान किया जा सकेगा।


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