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डॉ रमन सिंह बोले- झूठ की बुनियाद पर खड़ी है सरकार, 5 युवाओं को भी नहीं मिला रोजगार

वर्चुअल रैली में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया. डॉ रमन सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार झूठ की बुनियाद पर खड़ी है. घर पहुंच शराब की व्यवस्था यदि किसी राज्य में है तो वह छत्तीसगढ़ है. देश में 30 फीसदी अतिरिक्त कीमत पर शराब बेची जा रही है. जन घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का वादा था, लेकिन 5 युवाओं को भी रोजगार नहीं दिया गया.

डॉ रमन सिंह बोले- झूठ की बुनियाद पर खड़ी है सरकार, 5 युवाओं को भी नहीं मिला रोजगार
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रायपुर. वर्चुअल रैली में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया. डॉ रमन सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार झूठ की बुनियाद पर खड़ी है. घर पहुंच शराब की व्यवस्था यदि किसी राज्य में है तो वह छत्तीसगढ़ है. देश में 30 फीसदी अतिरिक्त कीमत पर शराब बेची जा रही है. जन घोषणा पत्र में बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का वादा था, लेकिन 5 युवाओं को भी रोजगार नहीं दिया गया.

डॉ. सिंह ने केंद्र में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूर्ण होने पर आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम शुरू किया. सदियों तक याद किये जाने वाले फैसले लिए गए. कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटाना, राम मंदिर की अड़चनों को खत्म करना, तीन तलाक, नागरिकता संशोधन बिल जैसे बड़े ऐतिहासिक फैसले मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार ने लिया. हमारा एक-एक कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ के एक-एक घर जाकर न केवल मोदी सरकार की उपलब्धि को बल्कि भूपेश सरकार के 18 महीने की नाकामियों को भी बताएगा.

डॉ. सिंह ने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा के नतीजे आ गए थे, लेकिन उसे निरस्त कर दिया. शिक्षाभर्ती निरस्त कर दी गई. युवा पूछ रहा है कितने लोगों को रोजगार दिया भूपेश जी? जवाब आता है 1800 युवाओं को रोजगार दिया गया. ये रोजगार शराब भट्ठी में दी गई है. छत्तीसगढ़ में सिर्फ माफियाराज चल रहा है. बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले बनाये जा रहे है.

उन्होंने कहा कि अब तक एडमिशन में पेमेंट सीट सुना था यहां कलेक्टर-एसपी की पोस्टिंग की चर्चा गली-गली में चल रही है. कोरोना संकट के बीच सरकार ने सिर्फ 30 हजार मजदूरो को वापस लाया. मजदूरों के खातों में पैसे डाले ही नहीं. उन्हें भटकने पर छोड़ दिया. जिन मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटरों में जहां रखा गया, वहां उन्हें सरपंचों के भरोसे छोड़ दिया गया. अपने घरों से खाना मंगाकर खा रहे हैं. ये क्वारेंटाइन सेंटर यातना सेंटर बन गए हैं.

डॉ. सिंह ने कहा कि दो साल का बोनस देने का वादा था. लेकिन किसान आज भी इंतजार कर रहे हैं. किसानों से एक-एक दाना खरीदने का वादा किया गया था, लेकिन एक-एक दाना धान बेचने किसान मोहताज हो गया. उन्होंने कहा कि डीएमएफ का पैसा कोरोना संकट में खर्च करने की अनुमति केंद्र ने दे दी थी लेकिन उस राशि का उपयोग नहीं किया गया. अलग-अलग योजनाओं में करीब 700 करोड़ दिया गया था लेकिन उसका भी इस्तेमाल नहीं किया. यदि एम्स जैसा इंस्टिट्यूट नहीं होता तो छत्तीसगढ़ सरकार की हालत पता चलती. आज छत्तीसगढ़ के हालात बेहद खराब है. आज मैं बस्तर से सरगुजा तक के कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाता हूं. आज हम भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेते हैं.

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