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डॉ. रमन सिंह ने भूपेश सरकार से की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का कहना है, प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने पर हम कांग्रेस के वादों को लेकर जनता के बीच गए और उनसे सवाल किया। हर तरफ से यही जवाब मिला कि सरकार में आने के बाद कांग्रेस ने कोई वादा पूरा नहीं किया है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर फेल है। सरकार में सिर्फ कर्ज लेने का खेल चल रहा है।

डॉ. रमन सिंह ने भूपेश सरकार से की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग
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डॅा.रमन सिंह (फाइल फोटो)

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने पर हम कांग्रेस के वादों को लेकर जनता के बीच गए और उनसे सवाल किया। हर तरफ से यही जवाब मिला कि सरकार में आने के बाद कांग्रेस ने कोई वादा पूरा नहीं किया है। प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर फेल है। सरकार में सिर्फ कर्ज लेने का खेल चल रहा है। प्रदेश को ढाई साल में ही 37 हजार करोड़ के कर्ज में डाल दिया गया है। सरकार के पांच साल पूरे होने तक यह कर्ज एक लाख करोड़ से ज्यादा हो जाएगा। प्रदेश सरकार को वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. रमन ने कहा है कि प्रदेश सरकार की आय 63155 करोड़ है। इसमें से केंद्र सरकार का हिस्सा 52.5 फीसदी 33144 करोड़ है। राज्य सरकार का योगदान इसमें 47.5 फीसदी यानी 30011 करोड़ है। इसी तरह से सरकार का खर्च 80126 करोड़ है। इसमें से 70611 करोड़ वेतन, सब्सिडी, भुगतान पर खर्च होता है जो 88 प्रतिशत है यानी बचा 12 प्रतिशत ही पूंजीगत व्यय है जो विकास पर हो रहा है।

डॉ. रमन ने कहा है कि हमारी सरकार के समय यह व्यय 17 से 18 प्रतिशत था। प्रदेश सरकार का राजस्व घाटा 7456 करोड़ है। उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार ने एक साल में ही 15 हजार करोड़ का कर्ज लिया। इस समय की स्थिति में सरकार ने 37 हजार करोड़ का कर्ज ले लिया है। इस कर्ज पर ही सरकार को हर साल 5600 करोड़ ब्याज देना पड़ रहा है।

विकास के काम गिनाने से बच रही सरकार

डाॅ. रमन ने कहा, ढाई साल में कांग्रेस की उपलब्धि क्या है? सरकार अपने किए कामों की जानकारी देती है लेकिन ये इतनी निराश सरकार है जो अपने विकास के काम को गिनाने से बच रही है। उन्होंने कहा है कि किसान पूछ रहे हैं दो साल का बोनस कहां गया? बेरोजगार पूछ रहे हैं रोजगार कहां है?

शराबबंदी का वादा था लेकिन राज्य में शराब की नदियां बह रही हैं। माफियाराज छत्तीसगढ़ में पैदा किया गया। रेत से लेकर कोल और शराब माफियाओं ने गांव-गांव को कब्जे में ले लिया है। ढाई साल में सरकार से पहला सवाल यही है कि विकास के सारे काम ठप क्यों हो गए हैं? आर्थिक दिवलियापन के हालात क्यों बन गए हैं?

प्रदेश में कांग्रेस के प्रति भारी आक्रोश : साय

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा, प्रदेश सरकार को जनता के भरोसे की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा है कि काठ की हांडी एक बार ही चढ़ती है लगता है ये सरकार यही समझ रही है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की ढाई साल की विफलता को लेकर भाजपा ने पांच दिनों का अभियान चलाया था। हमारे कार्यकर्ता लोगों के बीच गए थ जनता से प्रश्न किया।

संगठन के 30 जिलों के 5174 गांव तक गए। एक लाख 75 हजार लोगों से संपर्क किया है। 5261 वीडियो बनाए गए। प्रदेश में कांग्रेस के प्रति भारी आक्रोश है। जनता के बीच से आए सवालों के जवाब का भाजपा अध्ययन करेगी उस पर कार्ययोजना बनाकर चुनावी रणनीति तय करेगी।

सरकार में ही अंतर्विरोध : कौशिक

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, सरकार कहती है कि किसानों के लिए हमने बहुत कुछ किया है लेकिन ऐसा कोई हफ्ता नहीं बीता है जब किसानों ने आत्महत्या नहीं की हो। प्रदेश में कांग्रेस शासन में अब तक 450 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के विधायकों में ही नाराजगी है, मंत्रियों में मतभेद हैं। सरकार में ही अंतर्विरोध है।

सरकार राज्य को गर्त में ले जा रही है। पीएससी आज सबसे बड़ा भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि इस सरकार की सबसे बड़ी योजना राजीव गांधी अन्याय योजना है। राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद केंद्र की सरकार ने 390 रुपए समर्थन मूल्य बढ़ाया है। किसानों के हिस्से के पांच हजार आठ सौ पचास रुपए की डकैती इस सरकार ने की है।

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