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धान खरीदी पर आफत की बारिश, साढ़े पांच हजार किसान ही बेच पाए फसल, समितियों को मिले तारपोलीन खरीदी और सुरक्षा के लिए 44 करोड़ रुपए

राजधानी के आसपास की समितियों का दौरा करने पर हरिभूमि टीम ने पाया कि जिले के धरसींवा ब्लॉक के खौली और फरहदा की धान खरीदी समितियों में हल्की बारिश के बीच धान के बारदाने के स्टैक को पूरी तरह से ढंककर रखा गया था। वहीं दुर्ग जिले के अम्लेश्वर खरीदी केंद्र में भी धान का ढंककर रखा गया है। सभी समितियों को निर्देशित किया गया है कि धान की सुरक्षा और अन्य मदों में व्यय की पूरी राशि समितियों को दी जा चुकी है। समितियों की गलती से धान खराब होने पर उनकी जिम्मेदारी होगी। पढ़िए पूरी ख़बर...

धान खरीदी पर आफत की बारिश, साढ़े पांच हजार किसान ही बेच पाए फसल, समितियों को मिले तारपोलीन खरीदी और सुरक्षा के लिए 44 करोड़ रुपए
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में बारिश के कारण धान खरीदी कई जगहों पर प्रभावित हुई। समितियों में बारिश के चलते खरीदी केंद्रों में रखे धान को बचाने कैप कवर से ढंककर रखा गया। मार्कफेड ने सभी समितियों में कैप कवर खरीदने बजट का आवंटन पिछली बारिश के बाद कर दिया था। सभी समितियों में धान से भरे बारदाने बारिश से बचाने की कवायद जारी है और जहां पर बफर स्टॅाक है, वहां पर उठाव का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सोसायटियों में पिछली बार भीगे धान का उठाव पहले करने के निर्देश सभी समितियों को दिए गए हैं।

राज्य में दुर्ग संभाग के बालोद जिले में काफी तेज बारिश होने के कारण यहां की समितियों में धान के स्टैक कैप कवर से ढंककर रखे गए हैं। बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर और बिलासपुर सहित कई अन्य जिलों में बारिश की वजह खरीदी प्रभावित हुई है। राज्य में कुल 5652 किसानों ने इस दौरान धान बेचा। राज्य में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में धान की खरीदी नहीं हुई। वहीं धमतरी में 20 किसानों, महासमुंद में 3 और राजनांदगांव में 21 किसानों से धान खरीदी की गई। धान बेचने में व्यवधान के कारण किसानों को काटे गए टोकन का अगली तारीख दे दी गई है।

किसानों को 15 दिन के अंतराल का टोकन बांटा जा रहा है। अब धान खरीदी 31 जनवरी तक की जानी है, उसे देखते हुए शेष बचे किसानों से खरीदी में अब तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में धान खरीदी शुरू होने पर 45 हजार से अधिक किसानों से एक दिन में धान की खरीदी पूरे प्रदेश में की गई है। दिसंबर माह के अंत में बारिश की वजह से खरीदी में व्यवधान हुआ, उसके बाद अब जनवरी माह में दो दिन से खरीदी पर प्रभाव पड़ा है।

समितियों ने खरीदे तारपोलीन

मार्कफेड ने समितियों को आकस्मिक बारिश के बाद तारपोलीन की जानकारी ली। नोडल अधिकारियों के माध्यम से ली जानकारी में यह बात सामने आई कि राज्य में जो नए खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, वहां पर तारपोलीन कम मात्रा में मिला। मार्कफेड ने राज्य की सभी समितियों को तारपोलीन खरीदी के लिए 25.24 करोड़ रुपए का आवंटन जारी किया है। राशि आने के बाद समितियों ने इसकी खरीदी कर ली है। वहीं सुरक्षा के लिए 18.40 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

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