Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

भारी बारिश, रुह कंपा देने वाली ठंड के बावजूद नहीं डिगे कदम: कोहका छोड़ तीसरे दिन सीतागांव में चक्का जाम

13 ग्राम पंचायत के लगभग 84 गांव के ग्रामीण, पटेल-सरपंच, गायता एवं सचिव सीतागांव को ब्लॉक मुख्यालय बनाने या पूरा पट्टी मानपुर में ही स्थापित रखने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। सीतागांव सेक्टर के ग्रामीण कोहका छोड़ सीतागांव औंधी मुख्य मार्ग में आज तीसरे दिन सुबह से भारी बारिश के बीच तंबू गाड़ के अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। क्या है पूरा माजरा, पढ़िए...

भारी बारिश, रुह कंपा देने वाली ठंड के बावजूद नहीं डिगे कदम: कोहका छोड़ तीसरे दिन सीतागांव में चक्का जाम
X

अंबागढ़ चौकी। छत्तीसगढ़ के नए जिले मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सीतागांव को तहसील बनाने की मांग को लेकर आज तीसरे दिन भारी बारिश, रूह कंपा देने वाली ठंड और झड़ी के बीच ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आर-पार की लड़ाई लड़ रहे 84 गांव के ग्रामीण भारी बरसात में ठिठुरते हुए कोहका छोड़ सीतागांव औंधी मुख्य मार्ग में तंबू गाड़कर अपनी मांग को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं। इधर प्रशासनिक अधिकारी व कांग्रेसी नेताओं की समझाइश से कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है, जिससे आदिवासी ग्रामीणों का जनाक्रोश और भड़का हुआ है।

उल्लेखनीय है कि 13 ग्राम पंचायत के लगभग 84 गांव के ग्रामीण, पटेल-सरपंच, गायता एवं सचिव सीतागांव को ब्लॉक मुख्यालय बनाने या पूरा पट्टी मानपुर में ही स्थापित रखने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। सीतागांव सेक्टर के ग्रामीण कोहका छोड़ सीतागांव औंधी मुख्य मार्ग में आज तीसरे दिन सुबह से भारी बारिश के बीच तंबू गाड़ के अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। आदिवासी ग्रामीणों की एक ही मांग है कि सीतागांव को तहसील बनाया जाए या उन्हें मानपुर में ही यथावत रखा जाए। जिसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी व क्षेत्र के जवाब देह जनप्रतिनिधी ठोस आश्वासन नहीं दे पा रहे हैं। जिसके बाद जन आंदोलन आर पार की लड़ाई में तब्दील हो गया है।

13 ग्राम पंचायत के 84 गांव नहीं जाना चाहते हैं औधी में-

सीतागांव सेक्टर के 13 ग्राम पंचायत के 84 गांव के महिला, पुरुष, युवा तीन दिनों से आंदोलनरत है जिनका साफ कहना है कि वे औधी ब्लॉक मुख्यालय में नहीं रहना चाहते सीतागांव को ब्लॉक मुख्यालय का दर्जा मिले यां उन्हें यथावत मानपुर में ही रखा जाए।

प्रशासन और नेताओं का ठोस पहल नहीं-

ग्रामीणों के एकजुट आंदोलन के सामने प्रशासनिक अधिकारी दुबके पड़े हुए हैं। वही स्थानीय जनप्रतिनिधि इस आंदोलन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते 3 दिनों से दिन और रात ग्रामीणों का आंदोलन बस्तूर जारी है।

हमेशा से विकास के लिए तरसता रहा क्षेत्र-

नक्सलवाद से लड़ रहे मानपुर विकासखंड के सीतागांव सेक्टर विकास के बुनियादी ढांचे के लिए आजादी के बाद वर्षों से तरसता रहा है अब जब नए जिले का स्वरूप सामने आया तो फिर से इस क्षेत्र को पीछे धकेला जा रहा है जिसके चलते स्थिति जंग की हो गई है।

सीतागांव क्षेत्र मानपुर में ही यथावत रहेगा-

हरिभूमि के साथ बातचीत करते हुए क्षेत्र के विधायक व संसदीय सचिव इंद्र शाह मंडावी ने साफ तौर पर कहा कि अवधि ब्लॉक मुख्यालय में तब्दील होगा, सीता गांव सेक्टर के ग्रामीण औधी में नहीं जाना चाहते हैं तो वे मानपुर विकासखंड में यथावत रहेंगे।

भारी बारिश के बीच डाला पंडाल, अब वहीं बसेरा-

कोहका में दिन और रात 2 दिनों के दिन और रात चक्का जाम के बाद आ तीसरे दिन भारी बारिश रुह कपा देने वाली कड़कड़ाती ठंड, और झड़ी के बीच मानपुर औधी मुख्य मार्ग पर सीतागांव मुख्य मार्ग पर पंडाल गाड के आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

औधी और सीतागांव दोनों को बनाया जाए ब्लॉक मुख्यालय-

मोहला मानपुर क्षेत्र के भाजपा नेत्री नम्रता सिंह ने मांग की है कि औंधी के साथ-साथ सीतागांव को भी ब्लॉक मुख्यालय बनाया जाए जिससे यह पिछड़ा क्षेत्र विकास के मुख्य धारा से जुड़ा रहे हैं। देखिये वीडियो-



Next Story