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ओमिक्रॉन से निपटने: स्वास्थ्य विभाग खरीदेगा 10 लाख आरटीपीसीआर टेस्ट किट

रायपुर के डॉ. अंबेडकर अस्पताल में एडवांस जीनोम सीक्वेंसिंग लैब की तैयारी पूरी है, इसलिए यहां और एम्स में लैब शुरू करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया गया है। मंत्री सिंहदेव ने कहा ने कही ये बात...

ओमिक्रॉन से निपटने: स्वास्थ्य विभाग खरीदेगा 10 लाख आरटीपीसीआर टेस्ट किट
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रायपुर। प्रदेश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते संकट से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ में भी आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 10 लाख से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट किट खरीदने की तैयारी की जा रहा है। यही नहीं, जशपुर, जांजगीर-चांपा, बालोद और दंतेवाड़ा को मिलाकर 5 जिलों में नई वायरोलॉजी लैब शुरू की जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि यह तैयारी भी की जा रही है कि रोजाना जितनी भी जांच हो रही है, उसमें 80% आरटीसीपीआर टेस्ट रहें। यही नहीं, रायपुर के डॉ. अंबेडकर अस्पताल में एडवांस जीनोम सीक्वेंसिंग लैब की तैयारी पूरी है, इसलिए यहां और एम्स में लैब शुरू करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया गया है। प्रदेश में सिंगल डोज का 95 प्रतिशत से अधिक टारगेट पूरा हो चुका है। दूसरा डोज भी टारगेट का 60 प्रतिशत लग चुका है। दूसरे डोज के लिए कोवीशील्ड की स्थिति में 84 दिन और कोवैक्सीन के लिए 28 दिन का अंतराल है। देखा जाए तो देश और प्रदेश, दोनों ही स्तरों पर टीके काफी अधिक मात्रा में बचत में है। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि बचत के इन्हीं टीकों से अब बूस्टर डोज और बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू किया जा सकता है। दुनिया के बहुत से देशों में बूस्टर डोज और बच्चों का कोरोना टीकाकरण शुरू हो चुका है, इसलिए अब इस मामले में हमें देरी नहीं करनी चाहिए।

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