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सभी जिलों के लिए कोरोना गाइडलाइन जारी, रायपुर-रायगढ़ में लगेगा क्लैंप डाउन, सीएम बघेल ने दिए ये सख्त निर्देश...

कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटी पीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

सभी जिलों के लिए कोरोना गाइडलाइन जारी, रायपुर-रायगढ़ में लगेगा क्लैंप डाउन, सीएम बघेल ने दिए ये सख्त निर्देश...
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रायपुर. कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर अब छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सभी जिलों के लिए कोरोना गाइडलाइन जारी कर दिया गया है। सभी जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर रोक लगाने निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला शासन-प्रशासन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चार प्रतिशत या अधिक पाॅजिटिव रेट वाले जिलों में सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैंप डाउन (शिकंजा कसना) लगाने का निर्देश जारी हुआ है। इस दायरे में फ़िलहाल रायपुर और रायगढ़ जिला आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाइन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना।

इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पाॅजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नाॅन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए, जिन जिलों में पाॅजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4% से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे।

सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।

सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों, माॅल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मैरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटी पीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटी पीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेलवे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेंडम जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आइसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे काॅल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड, दवाइयों के स्टाॅक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाइम में ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।

महत्वपूर्व तथ्य...

कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक हर संभव उपाय करें

सभी जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर लगाई जाए रोक

चार प्रतिशत या अधिक पाॅजिटिव रेट वाले जिलों में सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए: रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैंप डाउन लगाएं

सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करें

सभी एयरपोर्ट पर आरटी पीसीआर जांच अनिवार्य की जाए

सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम टेस्टिंग के निर्देश

आवश्यकतानुसार माइक्रो और मिनी कंटेनमेंट जोन बनाएं

होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे काॅल सेंटर्स संचालित हों

कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की जाएं बैठकें

हॉस्पिटल बेड, दवाइयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता की डेली रिपोर्टिंग के निर्देश

चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले स्थानों में माॅल, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, मेरिज पैलेस, होटल, रेस्टोरेंट, आडिटोरियम पर प्रतिबंध लगाने और अन्य जिलों में एक तिहाई क्षमता से संचालित करने के निर्देश



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