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नगर निगम से जारी डेथ सर्टिफिकेट में नहीं मौत का कारण, मुआवजा मिलने में हो सकती है परेशानी

प्रदेश में कोरोना से जान गंवाने वाले सत्तर फीसदी लोगों के मुआवजे में प्रमाणपत्र का पेंच फंस सकता है। यहां अब तक 13400 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है जिनमें सत्तर फीसदी लोगों को मृत्यु प्रमाणपत्र नगर-निगम की ओर से जारी किया गया है इसमें मृत्यु की वजह नहीं लिखी हुई है।

नगर निगम से जारी डेथ सर्टिफिकेट में नहीं मौत का कारण, मुआवजा मिलने में हो सकती है परेशानी
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मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रदेश में कोरोना से जान गंवाने वाले सत्तर फीसदी लोगों के मुआवजे में प्रमाणपत्र का पेंच फंस सकता है। यहां अब तक 13400 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है जिनमें सत्तर फीसदी लोगों को मृत्यु प्रमाणपत्र नगर-निगम की ओर से जारी किया गया है इसमें मृत्यु की वजह नहीं लिखी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से जान गंवाने वालों को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है जिसके बाद इस पर विचार मंथन का दौर शुरू हो गया है। अदालत ने मुआवजा की राशि और गाइडलाइन तय करने के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदारी दी है। मुआवजा की प्रक्रिया के लिए पहला दस्तावेज मृत्यु प्रमाणपत्र होगा जिसमें मौत का कारण कोरोना दर्ज होना चाहिए जो मामला अटकने की वजह बन सकता है।

कोरोना से मृत्यु होने पर प्रदेश में दो तरीके से प्रमाणपत्र जारी किया गया है। पहला अस्पताल से जिसमें डाक्टरों द्वारा मौत की वजह का जिक्र किया जाता है वहीं दूसरा नगर-निगम से जारी किया गया है। जिसमें मौत के कारण का जिक्र नहीं है जो समस्या का कारण बनकर सामने आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में तीस प्रतिशत लोग ही कोरोना संक्रमित होने के बाद डेडिकेटेड निजी अथवा सरकारी अस्पताल तक पहुंचे और 70 फीसदी लोगों ने विभिन्न कोविड सेंटर और होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करवाया है।

स्वास्थ्य मंत्री भी जता चुके सहमति

पिछले दिनों मीडिया से चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने शासन की मदद लेने के लिए प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण होना जरूरी बताया था। उन्होंने इस बात को स्वीकारा था कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अथवा किसी दूसरी बीमारी की वजह से मृत्यु होने पर मौत का कारण कोरोना नहीं लिखा जा रहा है।

सबसे ज्यादा मौत रायपुर में

कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा मौत रायपुर जिले में हुई है। कोरोना पीक के दौरान जिलों से जिनकी जानकारी देर से मिल रही है उसे स्वास्थ्य विभाग अपने मूल आंकड़े में शामिल कर रहा है। वर्तमान में राज्य कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के मुताबिक रायपुर जिले में 3130 लोगों की मौत हो चुकी है।

नियम बनाया जाएगा

मुआवजे के लिए केंद्र सरकार द्वारा गाइडलाइन मिलने के बाद लोगों को मुआ‌वजा दिलाने के लिए प्रदेशस्तर पर विचार-विमर्श के बाद नियम बनाया जाएगा।


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