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सीएम हाउस का घेराव करने निकले छात्रों को पुलिस ने बूढ़ातालाब के पास रोका

कोरोना काल से काेविड सेंटर में ड्यूटी कर रहे नर्सिंग छात्रों का सब्र अंतत: शुक्रवार को टूट ही गया। नर्सिंग छात्रों ने शुक्रवार को परीक्षा आयोजित करने की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। पूरे प्रदेश से सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग छात्र इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे छात्रों को पुलिस ने बूढ़ातालाब के पास ही रोक लिया।

सीएम हाउस का घेराव करने निकले छात्रों को पुलिस ने बूढ़ातालाब के पास रोका
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 विरोध प्रदर्शन (प्रतीकात्मक फोटो)

कोरोना काल से काेविड सेंटर में ड्यूटी कर रहे नर्सिंग छात्रों का सब्र अंतत: शुक्रवार को टूट ही गया। नर्सिंग छात्रों ने शुक्रवार को परीक्षा आयोजित करने की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। पूरे प्रदेश से सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग छात्र इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे छात्रों को पुलिस ने बूढ़ातालाब के पास ही रोक लिया। इस दाैरान पुलिस और छात्रों के मध्य घंटों झड़प हुई। पुलिस द्वारा छात्रों की रैली को रोके जाने के बाद वे वहीं बैठ गए। अपने मांगों को लेकर छात्रों की नारेबाजी देर तक जारी रही।

300 से अधिक छात्र इस प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्रों को रोकने बड़ी संख्या में पुलिस बन की तैनाती पहले ही कर दी गई थी। हालांकि गिरफ्तारी किसी की भी नहीं हुई। पुलिस से झूमाझटकी के दौरान कुछ छात्रों को हल्की खरोंचें भी आईं। विरोध-प्रदर्शन के दौरान यातायात भी कुछ देर के लिए बाधित रहा। रात नौ बजे तक छात्र बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल में बैठे रहे। अपनी मांगें रखते हुए विरोध जारी रखने की चेतावनी के साथ छात्र धरना स्थल से लौटे।

कई तरह के रोड़े

छात्रों का आरोप है कि आयुष विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फीस लेने के बावजूद बीते 2 वर्षों से परीक्षा आयोजित नहीं की जा रही है। परीक्षाएं नहीं होने के कारण छात्रों के पास किसी तरह का कोई प्रमाणपत्र नहीं है और वे नौकरी अथवा उच्च अध्ययन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। परीक्षाएं ना लिए जाने के बाद भी कोरोना काल में सरकार द्वारा आदेश निकाल कर नर्सिंग छात्रों से कोविड सेंटरों में सेवाएं ली गईं।

परिस्थितियां संभलने के बाद जब छात्रों द्वारा परीक्षा की मांग की जा रही है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। दो वर्ष से परीक्षाएं ना होने के कारण वे एक ही कक्षा में अटके हुए हैं। नर्सिंग कॉलेजों की फीस भी उन्हें भरनी पड़ रही है। नौकरी के लिए आयु सीमा भी निकल रही है। इन सबके बाद भी उन्हें ना तो किसी तरह की रियायत दी जा रही है और ना ही परीक्षाओं की तारीख ही घोषित की जा रही है।

मांगी इच्छा मृत्यु

नर्सिंग छात्र संघ के अध्यक्ष योगेंद्र देवांगन ने कहा, परीक्षा नहीं होने से 35 हजार छात्रों का भविष्य अधर में है। परीक्षाएं ना होने से प्रदेशभर के नर्सिंग के छात्र प्रभावित हो रहे हैं। ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किसी भी मोड में सरकार परीक्षा आयोजित करा सकती है। नर्सिंग छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाती हैं तो उन्हें इच्छा मृत्यु दे दिया जाए। मांग पूरी होने तक छात्रों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

जोगी बंगले में जुटे छात्र

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में छात्रों ने यह रैली निकाली थी। जोगी युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप साहू, छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रवि चंद्रवंशी, अजय पाल, संदीप यदु, अजय देवगन सहित अन्य कार्यकर्ता भी नर्सिंग छात्रों के साथ विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा बने। रैली से पहले नर्सिंग छात्र और छात्रनेता सिविल लाइन स्थित जोगी बंगले में एकत्र हुए। यहां अमित जोगी ने छात्रों को संबोधित किया। इसके बाद छात्र धरना स्थल के लिए रवाना हुए।

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