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छत्तीसगढ़ : भारी बारिश के बीच दुकानों पर चला बुलडोजर, सीएसआईडीसी की कार्रवाई से नाराज हुए ग्रामीण

रायपुर से लगे सिलतरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में सीएसआईडीसी द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए की गई कार्रवाई से दुकानदार खासे नाराज हैं। उनका आरोप है कि सीएसआईडीसी ने बगैर सूचना दिए उनके जीवीकोपार्जन के साधनों को तहस-नहस कर दिया है। उनके आगे पेट पालने का संकट आ गया है। पढ़िए पूरी खबर-

छत्तीसगढ़ : भारी बारिश के बीच दुकानों पर चला बुलडोजर, सीएसआईडीसी की कार्रवाई से नाराज हुए ग्रामीण
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धरसींवा। उद्योग नगर सिलतरा में CSIDC (छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम) के द्वारा शनिवार को महिंद्रा चौक और अग्रवाल चौक पर दोपहर सड़क किनारे गुमटी दुकानों पर भारी बारिश के दौरान बिना नोटिस दिए ही बुलडोजर चलवा दिया गया। इस कार्रवाई से दुकानदारों के बीच अफरातफरी मच गई। आज एक बार फिर सीएसआईडीसी और प्रशासन के फरमान के आगे लोग बेबस नजर आए। दूसरी तरफ, विभाग ने इस तोड़फोड़ का कारण केंद्रीय पर्यावरण विभाग के हस्तक्षेप बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया है।

यहां बता दें कि उद्योग नगर सिलतरा में सीएसआईडीसी द्वारा शनिवार की दोपहर भारी बारिश के बीच सड़क किनारे महिंद्रा चौक और अग्रवाल चौक पर सड़क किनारे आसपास के गांव के कुछ लोग दुकान लगा कर पिछले बीस वर्ष से जीविकोपार्जन कर रहे थे। ग्रामीणों की उन दुकानो पर विभाग द्वारा बिना सूचना के बुलडोजर चला दिया। इन दुकानदारो, होटल वालों को कुछ समझ में आता, उससे पहले ही उनके जीवीकोपार्जन के जरिए तबाह हो गए। उनके आगे रोजी रोटी का संकट आ गया है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पखवाड़े भर पहले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के आदेश पर वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकुमार साय के साथ के दिल्ली से अफसर आये थे। उक्त स्थान पर पानी छिड़काव जैसे यंत्र लगाया जाएगा, जिससे यहां पर प्रदूषण कम होगी। इसीलिए यह अतिक्रमण हटाया गया है। इस तोड़फोड़ के समय कुछ बाहुबली नेताओं की दुकानों की ओर भी अमला ने निगाहें की, जो कि सीएसआईडीसी की जमीन पर ही अवैध रूप से बनीं हैं।

पूरे तोडफ़ोड़ के दौरान वहां पहुंचे एकमात्र जनप्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद ने कहा है कि सीएसआईडीसी द्वारा इस तरह गरीबों की दुकानों की तोड़फोड़ करना एक तरह से हिटलरशाही की परिभाषा है और यह केवल क्षेत्र के उद्योगपतियों को फायदा पहुचने के लिए ही किया गया है। वहीं गरीब मजदूरों के पेट में जिस तरह से अमला व प्रशासन ने लात मारी है, वह पूर्ण रूप से एकतरफा और मनमानी कार्रवाई है, जिसे किसी भी प्रकार से बर्दास्त नही किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य ने ने सीएसआईडीसी को चुनौती देते हुए कहा कि उद्योगपति ही अपने फायदे के लिए पूरे इलाके में जमकर प्रदूषण फैला रहे हैं और इस तरह चौक पर पानी छिड़काव से प्रदूषण तो नही रुकेगी, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कुछ चुनींदे लोगों को जरूर फायदा होगा।

यहां पर बताना आवश्यक होगा कि छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम का तोड़फोड़ दस्ता महेंद्रा चौक पर राजनीतिक संरक्षण वालों को छोड़कर गरीबों की दुकानों और झोपड़ियों को चुन-चुन कर तोड़ा गया हैं। सिलतरा के अन्य जगहों पर ध्यान दिया जाए, तो कई बाहुबली लोग खुलेआम कब्जा जमाए बैठे हैं, जिस पर हाथ डालने के लिए अमला को सोचना पड़ जायेगा।

'हरिभूमि' और 'आईएनएच न्यूज' की टीम को देखते ही सीएसआईडीसी के एक अफसर सबसे पहले अपनी मीडिया में पहुंच का धौंस जमाते हुए गोल-मोल जवाब देने लगे। अन्य अफसर भी कैमरे से बचते नजर आए। जिम्मेदार अफसरों का यह रवैय्या वास्तव में इस तोड़फोड़ पर जांच की जरुरत की ओर साफ संकेत है।

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