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डायल 112 की तर्ज़ पर मवेशियों के लिए CG में चलेंगी 163 एम्बुलेंस, 58 करोड़ का प्रोजेक्ट..

डायल 112 की तरह अब मवेशियों को भी एक कॉल पर मिलेगा उपचार और फ्री एम्बुलेंस सुविधा। प्रदेश सरकार देगी पशुपालकों को बड़ी सौगात। जनवरी से प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख पशुधन को मिलेगा फ्री में स्वास्थ्य लाभ। 58 करोड़ 22 लाख की लागत से शुरू होगा प्रोजेक्ट। छ.ग. में 163 एम्बुलेंस चलेगी हर ब्लॉक में 1 एम्बुलेंस। पढ़िए पूरी ख़बर..

डायल 112 की तर्ज़ पर मवेशियों के लिए CG में चलेंगी 163 एम्बुलेंस, 58 करोड़ का प्रोजेक्ट..
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प्रतीकात्मक तस्वीर

भिलाई: छत्तीसगढ़ सरकार नए साल में प्रदेश के पशुपालकों को नई सौगात देने वाली है। एक कॉल पर मवेशियों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से प्राथमिक उपचार की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। इसके अलावा सड़क दुर्घटना में घायल मवेशियों को इमरजेंसी सुविधा के साथ ही इलाज किया जाएगा।

इसके लिए प्रदेश सरकार जिस तरह से प्रदेशवासियों के लिए संजीवनी 108 और 104 आरोग्य सेवा सुवधा उपलब्ध कराती है। उसी प्रकार से मवेशियों के लिए केलिए भी प्रदेश में 163 एम्बुलेंस चलाई जाएगी। जो सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना मिलने पर मौके पर जाकर मवेशियों का प्राथमिक इलाज करेगी और इमरजेंस होने पर मवेशियों को उठाकर नजदीकी पशु चिकित्सालय में लेजाकर इलाज कराएगी। पूरा इलाज फ्री होगा। इस पूरी योजना को संचालित करने के लिए एक हाईटेक कॉल सेंटर भी बनाया जाएगा। जो 108 संजीवनी की तरह ही काम करेगा, लेकिन यह पूरी तरह से अलग होगा। छत्तीसगढ़ राज्य पशुधन विकास अभिकरण के सीईओ डॉ. शंकर उइके ने बताया कि इसके लिए पूरी तकनीकी को समझ लिया गया है। जल्द ही इस योजना की शुरूआत की जाएगी। कॉल सेंटर रायपुर पंडरी में होगा।

58 करोड़ की लागत से शुरू होगी योजना

छत्तीसगढ़ राज्य पशुधन विकास अभिकरण के सीईओ डॉ. शंकर उइके ने बताया कि करीब 58 करोड़ 22 लाख की लागत से वेटनरी मोबाइल युनिट शुरू करने जा रहे हैं। इस योजना से प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख मवेशियों को घर पहुंच कर स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा। करीब 50 लाख की लागत से हाईटेक कॉल सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश भर में 163 एम्बुलेंस चलाया जाएगा। यह पूरी योजना पीपीपी मोड पर काम करेंगी।

पशुचिकित्सक कॉल पर देंगे जानकारी

जिस तरह से 104 आरोग्य सेवा चलता है, उस तरह से भी कॉल करके पशुपालक पशुचिकित्सको को मवेशियों की बीमारी बताकर प्राथमिक उपचार करा सकेंगे। कॉल पर ही डॉक्टर इलाज और दवाइयां बताएंगे। रात में भी पशुपालक पशु चिकित्सकों से सलाह ले सकेंगे। ऐसी सुविधा अबतक प्रदेश में नहीं हैं। लेकिन 2022 में इस सुविधा का लाभ पशुपालकों को मिलेगा।

दवाइयां, इजेक्शन सब फ्री, आधी रात को मिलेगा लाभ

डॉ. उइके ने बताया कि वेटनरी मोबाइल युनिट में पशुचिकित्सक, सहायक पशु क्षेत्राधिकारी और एक ड्राइवर कम अटेंडेंट होगा। साथ ही एक एम्बुलेंस में सभी जरूरी दवाइयां और इंजेक्शन भी होंगे, साथ ही एक लैब भी होगा। पशुओं की खून, मूत्र, मल आदि जांच के लिए। आधी रात को भी इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा, वो भी फ्री में।

50 लाख की लागत से हाईटेक कॉल सेंटर बनाया जाएगा।

करीब 58 करोड़ 22 लाख की लागत से वेटनरी मोबाइल युनिट शुरू करने जा रहे हैं। इस योजना से प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख मवेशियों को घर पहुंच कर स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा। करीब 50 लाख की लागत से हाईटेक कॉल सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश भर में 163 एम्बुलेंस चलाया जाएगा। यह पूरी योजना पीपीपी मोड पर काम करेंगी।

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