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भूपेश की पहल पर केंद्र ने बदले... कोल ब्लाक अब मिलेंगे 6425 करोड़, 60 हजार को रोजगार

छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने दावा किया है कि राज्य में कोयले का व्यावसायिक खनन होने से प्रगति एवं विकास का एक नया दौर शुरू होगा।

भूपेश की पहल पर केंद्र ने बदले... कोल ब्लाक अब मिलेंगे 6425 करोड़, 60 हजार को रोजगार
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रायपुर. व्यावसायिक कोयला खनन के लिए प्रस्तावित कोयला खदानों से राज्य को एक साल में कम से कम 4,400 करोड़ रुपए का राजस्व और 2,000 करोड़ रुपए का न्यूनतम प्रीमियम प्राप्त होगा। साथ ही, राज्य के लोगों के लिए रोजगार के लगभग 60,000 अतिरिक्त अवसर भी पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त राज्य को डिस्टि्रक्ट मिनरल फाउंडेशन मद में भी हर साल 25 करोड़ रुपए मिलेंगे, जिसका उपयोग कोलफील्डस के आस-पास के क्षेत्रों के समावेशी विकास में किया जाएगा।

श्री जोशी ने शुक्रवार को मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि यहां आकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के महाप्रबंधक गौतम बैनर्जी के साथ रायपुर में बैठक की। इस बैठक में कोयला मंत्रालय के सचिव तथा कोल इंडिया के चेयरमैन भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकारा, केंद्रीय मंत्री जोशी ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने कहा कि कोयला मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार के व्यावसायिक कोयला खनन के लिए प्रस्तावित आवंटन में राज्य की पांच कोयला खदानों के स्थान पर तीन अन्य खदानों को शामिल करने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की नौ कोयला खदानें व्यावसायिक कोयला खनन के तहत आवंटन के लिए प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के संबंध मे कहा कि बैठक बेहद सकारात्मक, प्रगतिशील एवं खुले विचारों से हुई। हमने राज्य में कोयला एवं अन्य खनिजों से जुड़े मुद्दों पर मंत्रणा की। मुख्यमंत्री ने डीएमएफ एवं एनएमईटी को लेकर कुछ अच्छे सुझाव दिए, जिन पर हम सकारात्मक नजरिए के साथ विचार करेंगे।

15 दिनों में रेलवे लाइन शिफ्टिंग का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री के साथ बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोल इंडिया लिमिटेड छत्तीसगढ़ सरकार एवं एमएएचएजीईएनसीओ के अधिकारियों वाली एक समिति से 15 दिनों के अंदर छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड की एक रेलवे लाइन को शिफ्ट करने का प्रस्ताव लिया जाएगा। साथ ही, सीएमपीडीआई और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी एक महीने के भीतर खनन की गई जमीन पर फ्लाइ एश डंप करने का एक प्रस्ताव देंगे। कोयले के फुटकर ग्राहकों को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य एक नोडल एजेंसी भी गठित करेगा।

छत्तीसगढ़ के पास एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान

छत्तीसगढ़ के लिए कोयला खनन के महत्व पर जोर देते हुए श्री जोशी ने कहा कि राज्य के पास एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान है और यह देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका अदा करता है। एसईसीएल ने पिछले 04 वर्षों में राज्य के कोष में 13,200 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व दिया है। साथ ही, कोयला उत्पादन में बढ़ोत्तरी के साथ एसईसीएल छत्तीसगढ़ को अगले 04 वर्षों में लगभग 22,900 करोड़ रुपए के राजस्व का योगदान देगी। एसईसीएल की होल्डिंग कंपनी, सीआईएल, की छत्तीसगढ़ में अगले 04 वर्षों के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में 26,000 करोड़ रुपए का पूंजीगत निवेश करने की योजना है। श्री जोशी ने कहा कि सीईसीएल, इरकॉन एवं सीएसआईडीसी की साझा उपक्रम सीईआरएल एक रेल कॉरिडोर का निर्माण कर रही है। इस परियोजना पर सीईआरएल ने अभी तक 2,000 करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत निवेश किया है।

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