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कोरोना के डर से ब्रीद टेस्टिंग बंद, तीन माह में पुलिस ने काटी सिर्फ दो की पर्ची

बिलासपुर में नए तरह के प्रयोग के बाद रायपुर से सेंसर वाली डिवाइस की मांग

कोरोना के डर से ब्रीद टेस्टिंग बंद, तीन माह में पुलिस ने काटी सिर्फ दो की पर्ची
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रायपुर. शहर में जिस तरह से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है, पुलिस भी कार्रवाई के नाम पर बहुत सुरक्षा बरत रही है। कोविड-19 के फैलने का डर इस तरह से हावी है कि शहर में ड्रंकन ड्राइविंग के केस दर्ज करने में पुलिस को सोचना पड़ रहा है। मुंह में ब्रीद के जरिए एल्कोहल की टेस्टिंग के दौरान संक्रमण फैलने का डर है, इस वजह से तीन महीने में केवल दो ही चालक ड्रंकन ड्राइविंग में पकड़े गए हैं। कोरोना संकट के बीच पुलिस ने पुराने ब्रीद का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।

संक्रमण के बीच पुलिस ने अब पीएचक्यू में हाईटेक सेंसर वाले हल्कोमीटर मांगे हैं, जिसके बाद आगे सुरक्षा घेरे में रहते हुए ड्रंकन ड्राइविंग पर कार्रवाई शुरू होगी। सेंसरयुक्त एल्कोमीटर का इस्तेमाल बिलासपुर में शुरू हो गया है। रायपुर पुलिस ने इसी की तर्ज पर पीएचक्यू को नए प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी है। रायपुर में मौजूदा पुलिस व्यवस्था में 40 पुराने ब्रीद एनालाइजर हैं, जिसकी खरीदारी में लंबा अरसा बीत गया है। पुराने होने के साथ ब्रीद का सिस्टम पाइंप से काम करता है, ऐसे में इस तकनीक के इस्तेमाल से संक्रमण फैलने का डर है। पीएचक्यू के आर्डर पर रायपुर में 100 से ज्यादा नए एल्कोमीटर यातायात विभाग को मिल सकते हैं। डीएसपी ट्रैफिक सतीश सिंह ठाकुर के मुताबिक यह तकनीक बहुत सरल है। सुरक्षित माहौल में आसानी से काम होगा।

करीब आते ही बजेगा सेंसर

नए एल्कोमीटर की खासियत यह है कि ड्रंकन ड्राइविंग की कार्रवाई के दौरान दूर से ही संदिग्ध चालक की पहचान कर ली जाएगी। जांचकर्ता द्वारा संबंधित व्यक्ति के संपर्क में आए बगैर ही अल्कोहल के उपयोग की रीडिंग का काम कर लिया जाएगा, पाइप बदलने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी। एक बार टेस्टिंग करने के बाद बगैर अधिकृत पासवर्ड के इसकी रीडिंग को डिलीट करना भी मुश्किल होगा। खास यह भी है कि डिवाइस में रिपोर्ट वायरलेस प्रिंटर द्वारा प्रिंट निकालने की सुविधा होगी।

ड्रंकन 6 सेकंड में ऑन स्क्रीन

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के बारे में जानकारी छह सेकंड में ही ऑन स्क्रीन आ जाएगी। 200 ग्राम वजनी इस तकनीक का आकार मोबाइल फोन की तरह है, टेस्टिंग रिजल्ट 5 से 6 सेकंड में ही स्क्रीन में नजर आ जाता है। एक्टिव मोड होश में हुए व्यक्ति तथा पैसिव मोड बेहोशी की हालत में भी किसी व्यक्ति की अल्कोहल टेस्टिंग रिपोर्ट लेने की सुविधा है।

कार्रवाई में सिर्फ दो चालान

ड्रंकन ड्राइविंग के मामले रायपुर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई सूची में सिर्फ दो प्रकरण दर्ज हैं, जिसमें चालानी कार्रवाई की गई है। एक तरह से पूरे लॉकडाउन और फिर अनलॉक के लगभग एक महीने में पुलिस ने ब्रीद की पुरानी मशीन से दूरियां बढ़ाई हैं। लॉकडाउन 22 मार्च के पहले तक पुलिस ने 116 प्रकरण ड्रंकन ड्राइविंग के मामले में दर्ज किए थे, अगले तीन माह के भीतर केवल दो ही मामलों में कार्रवाई की।

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