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भाजपा ने जारी किया आरोप पत्र, कांग्रेस से 3 साल के कामों का मांगा हिसाब

अमर अग्रवाल बोले- हमारा घोषणा पत्र निकायवार होगा, 2-3 दिन में जारी करेंगे

भाजपा ने जारी किया आरोप पत्र, कांग्रेस से 3 साल के कामों का मांगा हिसाब
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रायपुर. भाजपा ने आज आरोप पत्र जारी किया है. भाजपा ने कांग्रेस के 3 साल के कामों का हिसाब भी माँगा है. अमर अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी के पूरे किये वादों को दोहरा रही है. जल मिशन पूरी तरह ठप है. 80-85% जनता तक हमने पानी पहुंचाया. शहरों के विकास की बात की जाये तो लोग भटक रहे हैं. नियमितीकरण, संपत्ति फ्रीहोल्ड बीजेपी की योजना थी. 90% काम हो चुके हैं.

अमर अग्रवाल ने आगे कहा कि कांग्रेस की घोषणा पत्र में नया क्या है? कांग्रेस इस तरह के घोषणा पत्र बनाके जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस बड़े-बड़े दावे कर रही है. इन निकायों के कर्मचारी से पूछो- 3 महीने से तनख्वाह नहीं मिली है.

साफ-सफाई बीजेपी की योजना थी. जिसपे पुरस्कार लेने पहुंच जाते हैं. राजनीतिक संरक्षण में भू-माफियाओं का बोलबाला है. तमाम 3 साल का हिसाब हम कांग्रेस से मांगते हैं. इसलिए हम आरोप पत्र जारी कर रहे हैं और जनता के बीच ला रहे हैं. हम 2-3 दिन में घोषणा पत्र जारी करेंगे. हमारा घोषणा पत्र निकायवार होगा.

कांग्रेस के विरुद्ध आरोप पत्र :

1. बदहाली: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में शहरी क्षेत्रों के लिए विकास का बजट 300 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 4000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। ऐसी स्थिति में कांग्रेस को चुनौती देते हैं कि वह बताएं कि आज 3 सालों में उन्होंने शहरी विकास के बजट को राज्य सरकार की ओर से कितना बढ़ाया? दरअसल आज सभी नगरीय निकायों में विकास शून्यता की स्थिति उत्पत्र हो गई है। भाजपा के समय जहां नगरीय निकाय आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे थे वहीं आज कर्मचारियों का वेतन तक नहीं बंट पा रहा है।

2. तुष्टिकरण: लगातार भगवा ध्वज का अपमान हिन्दू कार्यकर्ताओं के दमन का सिलसिला प्रदेश भर में चल रहा है। कवर्धा में जिस तरह सम्प्रदाय विशेष के विधायक और मंत्री के संरक्षण में हिंदुओं पर जुल्म किये गाट' इससे प्रदेश भर में आक्रोश व्याप्त है। सुकमा एसपी को धर्मांतरण के खिलाफ आधिकारिक पत्र लिखना पड़ रहा है, प्रदेश में जबरदस्त धर्मान्तरण की कोशिशों का मामला हर तरफ से सामने आ रहा है।

3. अपराध गढ़: छत्तीसगढ़ को शांति के टापू के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश को 'अपराध गढ़ बना दिया है। प्रतिदिन यहां 12 से अधिक बहनें बलात्कार की विभीषिका को झेलने के लिए अभिशप्त हैं। बुजुर्गों के विरुद्ध अपराध और अनुसूचित जनजाति वर्ग की नाबालिग बच्चों से दुष्कर्म के मामले में आज छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर आ गया। वहीं बच्चों के खिलाफ अपराध में हमारा छत्तीसगढ़ आज तीसरे स्थान पर है, जो राष्ट्रीय औसत से 2 गुना अधिक है। एनसीआरबी के ये सारे तथ्य दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मसार कर देने वाले हैं।

4. नशा माफिया: पूरे छत्तीसगढ़ को कांग्रेस ने नशा माफियाओं के सुपुर्द कर दिया है। राजधानी रायपुर और प्रदेश के अन्य शहरों में लगातार घटित हो रही घटनाएं इस बात के प्रमाण हैं। प्रदेश के पत्थलगांव शहर के बीच गांजा माफिया द्वारा मां दुर्गा के जुलूस में श्रद्धालुओं के ऊपर गाड़ी चढ़ा कर रोंद दिया गया। हर तरफ गांजा, चरस, अफीम, अवैध शराब का साम्राज्य हो गया है। इसलिए एनसीआरबी के आंकड़ों में किशोरों द्वारा किए जाने वाले अपराध के मामले में छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर पहुंच गया है।

5. घर-घर शराब: कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था। हम पूछना चाहते हैं कि कांग्रेस बताए कि क्या कोरोना काल में जब सब कुछ बंद था। तब भी कांग्रेस की सरकार क्या शराब की होम डिलीवरी नहीं करा रही थी? क्या प्रीमियम शराब की दुकानों का लगातार खोला जाना इनका जनता के साथ विश्वासघात नहीं है?

6.संपत्ति कर की मार: कांग्रेस ने जन घोषणा पत्र में संपत्ति कर को आधा करने का वादा किया था। आज कांग्रेस को सत्ता में बैठे हुए 3 साल हो चुके हैं लेकिन कांग्रेस ने इसे कम नहीं किया है। संपत्ति कर में एक रुपये की भी कटौती न करना छत्तीसगढ़ की जनता के साथ एक और बड़ा धोखा है।

7.भूमिहीनों के साथ धोखा कांग्रेस ने भूमिहीन करजाधारी परिवारों को पट्टा देने का वादा किया था। हम चुनौती के साथ पूछना चाहते हैं कि आपने कितने परिवारों को पट्टा प्रदान किया है? घोषणा अनुसार पट्टा तो वे नहीं पाये, उल्टे करजाधारी गरीब लोगों को 152 % की दर से लाखों रुपए का नोटिस पकड़ा दिया गया। अनेक स्थानों पर गरीबों के घर तोड़कर, जमीन खाली कराकर सरकारी जमीन को बेचने की कोशिश भी की जा रही है।

8. बेघर गरीब कांग्रेस ने घोषणा पत्र में वादा किया था कि आवासहीनों को 2 कमरों का मकान प्रदान किया जाएगा। हम चुनौती के साथ पूछना चाहते हैं कि कांग्रेस ने इन 3 सालों में कितने आवासहीनों को राज्य सरकार के माध्यम से घर प्रदान किया है? बल्कि दुर्भाग्य की बात है कि राज्यांश न दे पाने के कारण हमारे छत्तीसगढ़ के साढ़े ग्यारह लाख गरीबों को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने बेघर बना दिया है।

9. दुराग्रह की पराकाष्ठा: दुखद यह है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री जी की यह योजना है. इसलिए वे घर नहीं बनने देंगे. भाजपा यह पूछना चाहती है कि जब श्रीमती इंदिरा गांधी के नाम से आवास योजना थी. तब क्या राज्यांश नहीं दिया जा रहा था? कांग्रेस को नेहरू-गांधी परिवार के नाम से योजना स्वीकार है लेकिन उन्हें योजनाओं में प्रधानमंत्री' शब्द स्वीकार नहीं है।

10. कर्मचारियों से धोखाः कांग्रेस ने सभी अनियमित-संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। हम चुनौती के साथ पूछना चाहते हैं कि 3 साल में कांग्रेस ने नगरीय निकायों के कितने ऐसे संविदा और अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया है?

11. डीए हड़पा: केंद्र की सरकार आज 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है, वहीं कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को 14 प्रतिशत कम कर मात्र 17 प्रतिशत दे रही है। क्या यह प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं है।

12. बेरोजगारों को मारः कांग्रेस ने 10 लाख बेरोजगार युवाओं को 2500 रुपया महीना प्रतिमाह देने का वादा किया था। हम कांग्रेस सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या एक भी बेरोजगार युवक को एक भी रुपये की राशि 3 साल में प्रदान की गई है?

13. महिला हितों पर डाका : कांग्रेस ने स्व-सहायता समूहों के कर्जा माफ करने का वादा किया था। हम कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने की कितने महिला स्व-सहायता समूहों का कर्जा माफ कर दिया?'

14. निवाला छीना: अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि रोजगार के बड़े-बड़े वादे के साथ सत्ता में आयी कांग्रेस ने कमीशनखोरी के लिए आंगनबाड़ियों में रेडी टू ईट का संचालन कर रही प्रदेश की 21 हजार महिलाओं को बेरोजगार कर उनके मुंह से निवाला छीनने का काम किया है।

15. ज़मीनों का सौदा : हमारी संस्कृति में भूमि को मां माना गया है। छत्तीसगढ़ में कोई किसान भी, जमीन बेचने को अपने स्वाभिमान की आखिरी हार समझता है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस यहां शहरों के महत्वपूर्ण स्थानों की शासकीय जमीन को बेच रही हैं। हम कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि अगर सरकारी जमीनों को बेच दिया जायेगा, तो कल स्कूल, अस्पताल, गार्डन, खेल मैदान, लाइब्रेरी, पार्किंग, जिम, ऑक्सीजोन कहां बनाए जाएंगे?

16. बुजुर्गों का सहारा छीना: एक हजार रुपये और 15 सौ रुपाष्ट पेंशन का कांग्रेस ने वादा किया था। हमारे समाज के कितने सम्मानीय बुजुर्गों को कांग्रेस ने 1 हजार और 15 सौ रुपये का पेंशन दिया?

17. कर्ज़ का मकड़जाल : लोगों को कर्ज मुक्ति का सपना दिखा कर इस सरकार ने समूचे प्रदेश को पीढ़ियों तक के लिए कर्जदार बना दिया है। भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण मात्र ढाई वर्ष में ही प्रदेश की इस सरकार ने 40 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज ले लिया है। स्थिति यह है कि रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी सरकार को आज कर्ज लेना पड़ रहा है जबकि भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ की पहचान उसके कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण होती थी।

18. चावल चोरः प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिले गरीबों के हिस्से के 15 सौ करोड़ से अधिक की राशि का गबन भूपेश सरकार ने कर लिया है।

19. भद्दा मजाक: मोदी जी की सरकार ने डीजल पर 10 रुपये और पेट्रोल पर 5 रुपये की बड़ी राहत दी है, भाजपा शासित राज्यों ने भी अपने-अपने प्रदेशों में वैट घटा कर महंगाई को नियंत्रित किया है। जबकि कांग्रेस सरकार ने डीजल पर 1 रुपये 44 पैसे और पेट्रोल पर मात्र 77 पैसे की कमी कर जनता के साथ भद्दा मजाक किया है।

20. प्यासी जनता: एक तरफ जहां मोदी सरकार ने 100 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन की शुरुआत कर लोगों को साफ़ पानी देने की योजना बनायी वहीं कांग्रेस सरकार इस मामले में भी नकारा ही साबित हुई है. प्रदेशभर में 2200 स्थान आज भी ऐसे हैं, जहां नगरीय निकायों ने स्वच्छ जला देने का काम ही शुरू नहीं किया है। अपने चहेतों को लाभ देने के लिए कांग्रेस टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं कर रही है।

21. स्मार्ट सिटी: केन्द्रीय योजनाओं से प्रदेश में रायपुर, नवा रायपुर और बिलासपुर, तीन शहरों को स्मार्ट सिटी का दर्जा देकर बजट आवंटित किया गया। कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद इस राशि का भी बंदरबांट कर लिया। राज्य की और से कोरबा, राजनांदगांव, भिलाई और रायगढ़ को स्मार्ट सिटी के रूप से विकसित करना था. इसे भी कांग्रेस ने सत्ता में आते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया।

22. अवैध प्लाटिंग: प्रदेश के सभी शहरों में कांग्रेस के संरक्षण में अवैध प्लाटिंग का काम चल रहा है। इससे जहां बड़ी संख्या में लोग ठगे जा रहे हैं, वहीं ओने-पीने कीमत पर किसानों की जमीन भू माफियाओं द्वारा हड़पी जा रही है। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री द्वारा अपने क्षेत्र आरंग में खुद को ही जमीन आवंटित कर लेना कांग्रेस के भ्रष्टाचार का ताजा उदाहरण है।

23. रिश्वतखोरी : नगर निगम में मंत्री टैक्स, मेयर टैक्स, सभापति टैक्स समेत रिश्वत और घूसखोरी का बाजार गर्म है. बिना स्थित दिए कहीं भी कोई उचित कार्य नहीं हो पा रहे हैं। तबादला उद्योग को कांग्रेस ने खुद के लिए कुटीर उद्योग बना दिया है। सत्ता में आने के बाद से ही लगातार कांग्रेस ने विश्वासघात और वादाखिलाफी का रिकॉर्ड बनाया है। निकाय चुनाव के इस अवसर पर भाजपा का यह आरोप पत्र निकाय के मतदाता बहन/भाइयों की अदालत में प्रस्तुत है।

24. बेइलाज गरीब : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के सभी गरीबों को 5 लास्ट तक के निशुल्क इलाज के लिए आयुष्मान योजना की शुरुआत की थी। यह योजना छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बीजापुर जिले के जांगला से ही शुरू की गयी थी, लेकिन कांग्रेस ने इस योजना को प्रदेश में बंद कर दिया है। जहां अन्य सभी प्रदेश के गरीबों को इसका लाभ मिल रहा है. वहां छत्तीसगढ़ में इसे राजनीतिक दुबितावश रोकने का निंदनीय काम कांग्रेस ने किया है।

25. बुनकरों का रोजगार छीना: कांग्रेस सरकार ने स्कूल यूनिफॉर्म सिलने वाले 50 हजार से अधिक बुनकरों का रोजगार छीना है।





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