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बड़ा फैसला, सरकार नहीं रोक सकती टीकाकरण, अब 18 प्लस सबको टीका

हाईकोर्ट का आदेश, अंत्योदय ही नहीं, बीपीएल, एपीएल को एक तिहाई अनुपात में लगाए वैक्सीन

बड़ा फैसला, सरकार नहीं रोक सकती टीकाकरण, अब 18 प्लस सबको टीका
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रायपुर/बिलासपुर. कोरोना से बचाव के लिए सभी वर्ग को टीका लगाने हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। एक तिहाई अनुपात में वैक्सीनेशन करने के लिए अंत्योदय, बीपीएल तथा एपीएल के लिए अलग-अलग सेंटर बनाए जाएंगे। 18 से 44 वर्ष तक आयुवर्ग वालों को एक तिहाई अनुपात में टीका लगेगा। राज्य शासन ने अनुपात निर्धारण करने में वक्त लगने और इस दौरान टीकाकरण से न्यायालय की अवमानना का हवाला देकर गुरुवार से वैक्सीनेशन बंद कर दिया था।

प्रकरण की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश दिया है कि कोविड की भयावहता और वरिष्ठ सचिव समिति की अनुशंसा आने में वक्त लगने की संभावना को देखते हुए निर्धारित आयुवर्ग के हितग्राहियों का एक तिहाई अनुपात में टीकाकरण किया जाए। राज्य शासन ने इस आदेश के परिपालन में फैसला लिया है कि तीनों श्रेणी के वर्ग के लिए जिलों में अलग-अलग केंद्र बनाकर वैक्सीनेशन को पूरा किया जाएगा। नियम के मुताबिक अंत्योदय और बीपीएल श्रेणी के लिए निर्धारित केंद्रों में हितग्राहियों को निर्धारित आईडी/ दस्तावेज के साथ राशनकार्ड भी दिखाना होगा। एपीएल श्रेणी के निर्धारित केंद्र में निर्धारित आईडी, आाधारकार्ड, पैन कार्ड या अन्य मान्य दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा। इसके लिए राशनकार्ड दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में वैक्सीनेशन अभियान को पूरा करने के लिए 25-25 लाख वैक्सीन का आर्डर किया गया था, जिसमें से भारत बायोटेक ने पहली किस्त में डेढ़ लाख वैक्सीन भेजी थी। इसी वैक्सीन के सहारे पांच दिनों तक अभियान को पूरा किया गया था। याचिका दायर होने के बाद अदालत की कड़ी टिप्पणी के बाद गुरुवार को वैक्सीनेशन नहीं किया गया था। शुक्रवार को हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद इसे पुन: प्रारंभ करने की तैयारी है।

शीघ्र अनुशंसा प्रस्तुत करने के निर्देश

उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रकरण की सुनवाई करते हुए राज्य शासन द्वारा गरीबों के लिए जाहिर की गई चिंता को जायज मानते हुए कहा कि वरिष्ठ सचिव समिति शीघ्र ही इस संबंध में अनुशंसा प्रस्तुत करें। उसके बाद प्रकरण की अगली सुनवाई की जाएगीं। 4 मई को अदालत द्वारा तीनों श्रेणी के लिए अनुपात तय करने के निर्देश के परिपालन में राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है।

आज आएगी साढ़े तीन लाख वैक्सीन

राज्य सरकार द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट को दिए गए आर्डर में से साढ़े तीन लाख कोविशिल्ड वैक्सीन की पहली खेप शनिवार को पुणे से आएगी। कंपनी द्वारा आर्डर के दौरान सप्लाई में काफी वक्त लगने की संभावना जताई गई थी। इसे लेकर 18 से 44 साल के बीच के लोगों के वैक्सीन को लेकर उस दौरान संशय की स्थिति थी। हालांकि बाद में एक मई से वैक्सीनेशन को-वैक्सीन की मदद से प्रारंभ कर दिया गया था।

लगभग एक लाख डोज बाकी

राज्य शासन को अभी वैक्सीन के 1.50 लाख डोज कंपनी से मिले थे। पांच दिन अंत्योदय श्रेणी के वैक्सीनेशन के बाद शेष बचे लगभग एक लाख वैक्सीन के माध्यम से यह अभियान शुरू किया जाएगा। टीका समाप्त हो जाने पर सभी केंद्रों में सूचना दे दी जाएगी कि वैक्सीन समाप्त हो गई है और दोबारा वैक्सीन आने की सूचना विभिन्न प्रचार माध्यमों से सभी को दी जाएगी।

आज से संभावना

18 प्लस का वैक्सीनेशन अभियान शनिवार से पुन: प्रारंभ होने की संभावना है। इसके लिए अलग-अलग सेंटर बनाने के लिए अधिकारियों के बीच देर शाम तक विचार मंथन का दौर चलता रहा। वहीं बीपीएल और एपीएल के लिए अलग-अलग कक्ष का निर्धारण कर दिया जाएगा।

इधर हाईकोर्ट ने रोक पर जताई नाराजगी

बिलासपुर. 18 वर्ष से अधिक और 45 वर्ष से कम आयु वर्ग के कोविड वैक्सीनेशन में आरक्षण मामले में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को हाईकोर्ट ने वैक्सीनेशन पर लगाई गई रोक पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्तमान परिस्थिति में वैक्सीनेशन पर रोक नहीं लगा सकती है। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को एक अनुपात तीन की तर्ज पर सभी वर्ग अंत्योदय ,बीपीएल व एपीएल कार्ड धारियों का समान रूप से टीकाकरण तत्काल आरंभ करने का आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने 18 वर्ष से अधिक व 45 वर्ष से कम आयु वर्ग के नागरिकों के कोरोना वैक्सीनेशन पर रोक लगा दी थी। राज्य सरकार 18 प्लस के वैक्सीनेशन में वर्गीकरण नीति अपनाने के बाद इसे वरूणेन्द मिश्रा, पलाश तिवारी व अमित जोगी सहित अन्य लोगों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है । सरकार का पक्ष कमजोर न हो इसके लिए बकायदा दिल्ली से सीनियर वकील वी.गिरी जिरह करने के लिए बुलाए गए थे । प्रकरण की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से पूछा गया,कि वैक्सीन की आपूर्ति में कमी कैसे हो रही है, हाईकोर्ट ने इस बारे में केंद्र सरकार से जवाब-तलब करते हुए मामले को आगामी सुनवाई के लिए 10 मई को फिर से रखा है।

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