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राज्य सरकार की मंशा पर हाईकोर्ट की रोक, 443 डॉक्टरों के दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू हुए स्थगित

सरकार ने दूर दराज के क्षेत्रों में ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य अस्पतालों को चिन्हांकित किया था जहां डॉक्टरों की कमी है। नए भर्ती होने वाले डॉक्टरों को इन इलाकों में जाकर काम करने के लिए भी तैयार किया गया था। लेकिन बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार की इस मंशा पर रोक लग गई। पढ़िए पूरी ख़बर...

राज्य सरकार की मंशा पर हाईकोर्ट की रोक, 443 डॉक्टरों के दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू हुए स्थगित
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राज्य में अगर 443 नियमित चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्तियां हो जाती तो राज्य के दूरदराज खासकर ग्रामीण व नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों को इलाज की सुविधा मिल जाती।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में दूरदराज के इलाकों, खासकर ग्रामीण व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के इरादे से सरकार ने 443 डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरु कर दी थी। इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया के तहत दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू लिए जाने थे, लेकिन हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद ये प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी है। इससे पहले भी सरकार ने डॉक्टरों के 300 पद भरने के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन इस प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा था। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पिछले साल अक्टूबर में चिकित्सा अधिकारी के 300 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन के विरूद्ध बिलासपुर हाईकोर्ट ने रोक का आदेश जारी किया था। अदालत में विज्ञापन के विरुद्ध यह दलील दी गई थी छत्तीसगढ़ चिकित्सा अधिकारी राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2013 के नियम 6 के उपनियम (1) के अंतर्गत प्रतियोगी परीक्षा और या साक्षात्कार के माध्य से चयन किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका के आधार पर भर्ती पर रोक लगा दी थी। इस याचिका का निराकरण नहीं हो पाया था। करीब एक साल बीतने के बाद भी माना जा रहा था कि इसमें और समय लग सकता है।

फिर लगी रोक

443 डॉक्टरों की नए सिरे से भर्ती की कोशिश में जारी किए गए विज्ञापन के आधार पर एक बार फिर आवेदन आए। इस बार चिप्स के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन मंगाए गए थे। नवंबर के अंतिम सप्ताह में अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन एवं साक्षात्कार की सूचना भी जारी हो चुकी थी। हाईकोर्ट ने 20 नवंबर 2021 को आगामी आदेश तक इस प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने 443 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार के लिए आयोजित कांउसलिंग को आगामी आदेश तक स्थगित करने का आदेश जारी किया है।

फिर निकाला गया ये रास्ता

डॉक्टरों के खाली पदों को जल्द भरने की जरुरत को देखते हुए संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं ने पिछले साल अक्टबर 2020 में जारी 300 डाॅक्टरों की भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को निरस्त कर दिया था। इसके साथ ही भर्ती नियम छत्तीसगढ़ चिकित्सा अधिकारी (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2013 में दी गई चयन प्रक्रिया के अनुरूप उक्त विज्ञापन के 300 पद एवं नवीन अनुमति के 143 पदों को शामिल करते हुए कुल 443 पदों के लिए (जिसमें बैकलॉग भी शामिल है) चिकित्सा अधिकारी के खाली पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन में कहा गया था कि जिन लोगों ने पूर्व में विज्ञापन के आधार आवेदन किए थे, उन्हें 443 डॉक्टरों की भर्ती वाले विज्ञापन के संबंध में नए आवेदन देने होंगे।

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