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बकरीद की दावत इस बार नहीं, तकसीम भी घर के आस-पास ही

ईद-उल-अजहा की शरई तस्दीक, शहर-ए-काजी ने कहा- घरों में ही पढ़ें नमाज

बकरीद की दावत इस बार नहीं, तकसीम भी घर के आस-पास ही
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रायपुर. कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन में धर्मस्थल बंद होने से आज बकरीद पर्व सादगी से मनाई जा रही है। शहर-ए-काजी मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने बताया कि ईदुल अजहा की शरई तस्दीक हो चुकी है। बकरीद एक अगस्त शनिवार को मनाया जाएगा। शहर के 50 मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाएगी, जिसमें मस्जिद कमेटी के सदस्य ही शामिल होंगे। शेष व्यक्ति अपने घरों पर नमाज अदा करेंगे। सबसे पहली नमाज मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमिन बैजनाथपारा में सुबह 6 बजे से शुरू होगी। पहली बार मीठी ईद के बाद बकरीद का पर्व में भी घर में मनाया जाएगा। प्रशासन के नियमाें अनुसार न तो ईदगाहों में नमाज अदा करने लोग जुट पाएंगे और न ही कोई बकरीद की दावत दे सकेगा। कुर्बानी के बाद तकसीम अर्थात बांटने की रस्म भी अड़ोस-पड़ोस में ही की जाएगी।

मस्जिद में तैयारी पूरी

प्रशासन के नियमों के अनुसार मस्जिदों में शुक्रवार को पूरी व्यवस्था कर ली गई। हलवाई लाइन स्थित जामा मस्जिद के मौलाना कारी अशफाक ने बताया, बकरीद में नमाज-ए- विशेष दुआ खत्म कर दी गई है। समिति के ही लोग दिनभर में होने वाले नमाज में शामिल होंगे। इसके लिए मास्क, सेनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। पर्व में लोग एक-दूसरे के घर मिलने जाते हैं। समाज ने लोगों को संक्रमण काे खत्म करने घर में रहकर याेगदान देने काे कहा है। शहर में बकरा मंडी बंद हाेने के कारण कुछ लोग शुक्रवार को कुर्बानी देने के लिए गांव से बकरा लेने पहुंचे।

कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं

शहर-ए-काजी मोहम्मद अली फारूकी ने बताया, ईद की तरह बकरीद की नमाज में मुस्लिम समाज के प्रमुख 7 लोग ही शामिल हाेंगे। प्रशासन व राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एहतियात बरतें और घर से बाहर न निकलें। ईद-ए-अजहा यानी बकरीद पर्व के संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुस्लिम समाज के प्रमुख लोगों की बैठक हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि बकरीद में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। मुस्लिम समाज के लोग अपने घर में सादगी से पर्व मनाएंगे।

घर पर ही होगी रस्म

राजधानी में कोरोना महामारी को देखते हुए लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दी गई है, इसलिए प्रशासन द्वारा जारी नियमों एवं आदेशों का पालन किया जाएगा। ईदगाहों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। फजर के तुरंत बाद ईद-ए-अजहा कर ली जाएगी। ईद मिलन के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। समाज ने लोगों को घर में रहकर नमाज पढ़ने की अपील की है। इसके अलावा बकरीद पर निभाई जाने वाली कुर्बानी की रस्म घर पर ही पूरी की जाएगी। कुर्बानी का हिस्सा अपने घरों के आसपास ही बांटा जाएगा। शांति, सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील की गई है।

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