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बबिया अभी जिंदा है : सरपंच-सचिव के 'खेल' में बबिया मर गई, राशन-पेंशन बंद, अब कलेक्टर से गुहार- मुझे जिंदा कर दो साहब...

सूरजपुर कलेक्टर के पास पहुंचकर कर बुजुर्ग महिला ने कहा कि साहब मैं अभी जिंदा हूँ. बुजुर्ग महिला का राशन और पेंशन के लिए यह बताना पड़ा कि वह अभी जिंदा है. महिला के अनुसार सरकारी दस्तावेजों में वह मर चुकी है. मैदानी इलाकों में सिस्टम किस कदर बेलगाम हो गया है. यह इसकी बानगी है कि लोगों को यह साबित करना पड़ रहा है वह अभी जिंदा है.

बबिया अभी जिंदा है : सरपंच-सचिव के खेल में बबिया मर गई, राशन-पेंशन बंद, अब कलेक्टर से गुहार- मुझे जिंदा कर दो साहब...
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सूरजपुर/भैयाथान. सूरजपुर कलेक्टर के पास पहुंचकर कर बुजुर्ग महिला ने कहा कि साहब मैं अभी जिंदा हूँ. बुजुर्ग महिला का राशन और पेंशन के लिए यह बताना पड़ा कि वह अभी जिंदा है. महिला के अनुसार सरकारी दस्तावेजों में वह मर चुकी है. मैदानी इलाकों में सिस्टम किस कदर बेलगाम हो गया है. यह इसकी बानगी है कि लोगों को यह साबित करना पड़ रहा है वह अभी जिंदा है.

खुद को जिंदा बताने के लिए हाथों में आवेदन लेकर सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने वाली महिला का नाम बबिया है. मामला भैयाथान ब्लॉक के ग्राम जुर ग्राम का है. जहां की 58 वर्षीय महिला बबिया आज जिले के कलेक्टर के पास यह फरियाद लेकर पहुँची थी कि साहब में अभी जिंदा हूँ. बबिया का कहना था कि उसे न तो पेंशन मिल रहा और न ही राशन. दोनों इसलिए बंद है क्योंकि उसकी मौत हो गई है. महिला का आरोप है कि इस खेल में सरपंच,सचिव की सांठगांठ है. महिला ने अपनी फरियाद में कहा है कि उसे फिर से सरकारी रिकार्ड में जीवित कर उसे उसका निराश्रित पेंशन व राशन दिलाने के साथ मामले के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए.

वही दूसरी और मामले की जानकारी मिलने पर जिले के कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जाँच के आदेश देने के साथ ही दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की बात कही है. बहरहाल जिले का यह कोई पहला मामला नही है. हाल ही में देवनगर उप तहसील से एक मामला सामने आया था. जिसमें एक ग्रामीण के जमीन के दस्तावेज में उसे मृत घोषित कर उसकी जमीन किसी और नाम से कर दी गई है. अब ग्रामीण को रिकार्ड सुधारने जदोजहद करनी पड़ रही है. देखने वाली बात होगी मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद पीड़िता दस्तावेजों में कब तक जीवित हो पाती है.




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