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'गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करें...'

मुख्य सचिव आरपी मंडल ने राज्य शासन की अभिनव गोधन न्याय योजना जो 20 जुलाई को हरेली त्योहार के शुभ अवसर पर शुरू होने जा रही है। मुख्य सचिव ने योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को सजगता और सर्तकता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करें...
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रायपुर. मुख्य सचिव आरपी मंडल ने यहां रायपुर स्थित चिप्स कार्यालय में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण, रामवन पथ गमन, आदिवासी क्षेत्रों में समुदायिक वनाधिकार पट्टों का वितरण, अनुसूचित जनजाति जिलों के आश्रम एवं छात्रावासों को मॉडल छात्रावास बनाने एवं सर्वसुविधा युक्त बनाने, सघन पौधारोपण, शहरी पशुओं के व्यवस्थापन, बिलासपुर में अरपा नदी के आसपास सौंद्रर्यीकरण और व्यवस्थापन और एथॉनाल निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक में योजनावार विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य सचिव आरपी मंडल ने राज्य शासन की अभिनव गोधन न्याय योजना जो 20 जुलाई को हरेली त्योहार के शुभ अवसर पर शुरू होने जा रही है। मुख्य सचिव ने योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को सजगता और सर्तकता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए उनकी अध्यक्षता में गठित समिति, जिसमें अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, कृषि विभाग की सचिव डॉ. एम. गीता, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. सहित समिति के अन्य अधिकारियों की लगातार बैठकें ली जा रही हैं, जिससे योजना को शुरू करने एवं उसके क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से उनके जिले में योजना के क्रियान्वयन के संबंध में उनसे चर्चा कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि गोठानों में स्वसहायता समूहों द्वारा पशुपालकों से अच्छी गुणवत्ता का गोबर खरीदा जाएगा। गोठानों में बर्मी बेड बनाकर उनमें वर्मी कीड़े डाले जाएंगे, जिससे बर्मी कंपोस्ट खाद तैयार कर कृषि, उद्यानिकी और वन विभाग को विक्रय की जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाएं मुनगा के पौधे

मुख्य सचिव ने बैठक में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा के पौधे लगाएं तथा गार्डन में हरी पत्तेदार सब्जियां तथा स्थानीय जलवायु के अनुकूल फलदार पौधे लगाएं, जो आंगनबाड़ी के हितग्राहियों के उपयोग के लिए हों। इसी तरह से जिस गांव में आंगनबाड़ी है, वहीं के स्वसहायता समूह को मुर्गीपालन शेड बनाकर दिए जाएं। आंगनबाड़ी केेंद्रों के लिए अंडों का क्रय गांव के ही स्वसहायता समूह से किया जाए। इससे सुपोषण के लिए गांव में ही पौष्टिक खाद्य सामग्री मिलेगी और गांवों में ही लोगों को रोजगार दिया जा सकेगा।

कोताही बर्दाश्त नहीं

मुख्य सचिव ने विभागीय मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लगातार सुपोषण अभियान की मानिटरिंग करें। सुपोषण अभियान के दौरान किसी की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव ने रामवन पथ गमन की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग के सचिव को बिलासपुर के शिवरीनारायण एवं गरियाबंद के राजिम में जाकर वहां के कलेक्टर एवं संभागायुक्त के साथ दौरा कर पर्यटन स्थल का सौंदर्यीकरण एवं व्यवस्थापन कराएं। उन्होंने राम वन पथ गमन के मार्ग के सभी कार्यो की मानिटरिंग लगातार करते रहने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। आरपी मंडल ने नगर निगम आयुक्त, बिलासपुर को अरपा नदी के किनारे सौंदर्यीकरण एवं जमीन व्यवस्थापन कार्य को कराने के निर्देश दिए हैं।

इनकी रही उपस्थिति

समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, वन एवं उद्योग विभाग के सचिव मनोज पिंगुआ, कृषि विभाग की सचिव तथा कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, सहकारिता, महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., हाउसिंग बोर्ड के एमडी अय्याज तंबोली, कलेक्टर रायपुर डॉ. एस. भारतीदासन रायपुर नगर निगम के कमिश्नर सौरभ कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अटन नगर विकास प्राधिकरण अंकित आनंद, पर्यटन विभाग की एमडी इफ्फत्त आरा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव सिंह सहित कृषि, नगरीय विकास, लोक निर्माण, वन विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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