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छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसा 'अतिरिक्त प्रभार' ? छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट के पांच सीनियर अफसर अपने जूनियर के नीचे, विधानसभा में मंत्री को देना पड़ा जवाब

छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसा अतिरिक्त प्रभार ? छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट के पांच सीनियर अफसर अपने जूनियर के नीचे, विधानसभा में मंत्री को देना पड़ा जवाब
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छत्तीसगढ़ सरकार के वन विभाग में अतिरिक्त प्रभार का खेल ऐसा चल रहा है कि कई अफसरों की वरिष्ठता को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। आठ साल पहले जो अधिकारी रेंजर थे, उन्हें एसडीओ बनाते हुए अब डीएफओ का भी प्रभार दे दिया गया है। इसके अलावा भी अन्य लगभग डेढ़ दर्जन अफसरों को इसी तरह प्रभार दिया गया है। इस संबंध में विधानसभा में सवाल उठाया गया, जिस पर मंत्री को उत्तर देना पड़ा। पढ़िए पूरी खबर-

रायपुर। बिलासपुर वन वृत्त के मरवाही वनमंडल में 8 साल पहले पदस्थ हुए रेंजर को प्रमोशन देकर SDO बनाया गया। अब उन्हीं SDO को प्रभारी DFO बना दिया गया है। खास बात ये कि अनुविभागीय अधिकारी (SDO) की हैसियत से खुद प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं और फिर DFO बनकर उसे अप्रूव भी कर देते हैं। प्रदेश में वन विभाग में चल रहे प्रभारवाद का मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया गया है। कहा जा रहा है कि मरवाही वनमंडल में DFO के पद पर जूनियर अफसर और लोरमी उप वन मंडलाधिकारी के पद पर वरिष्ठ अफसर की नियुक्ति के साथ ही प्रदेश में सीनियर को दरकिनार कर जूनियर अफसरों को पदस्थ करने का खेल चल रहा है।

दरअसल, मरवाही वनमंडल में साल 2014 में रेंजर संजय त्रिपाठी को नियुक्त किया गया था। फिर साल 2020 में उसी जगह पर उनका SDO के पद पर प्रमोशन कर दिया गया। इसके महज साल भर बाद ही उन्हें DFO का प्रभार दे दिया गया है। जबकि, इसी जिले में उनसे सीनियर SDO केपी डिडौंर भी पदस्थ है। सोमवार को मरवाही मंडल सहित पूरे प्रदेश में 15 जूनियर अफसरों को सीनियर अफसरों के पद पोस्टिंग देने के मामले को उठाया गया। केशकाल विधायक संतराम नेताम ने वन विभाग में सीनियर अफसरों के रहते जूनियर अफसरों को उच्च पदों पर अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर सवाल किए। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने जवाब देते हुए सदन को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मरवाही के साथ ही दूसरे जगहों में 15 जूनियर अधिकारियों को सीनियर अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्होंने कहा कि जूनियर अफसरों को अतिरिक्त प्रभार देने के कारण 5 अधिकारी प्रभावित हैं। वन विभाग में इस प्रभारवाद के चलते प्रदेश के 5 सीनियर अफसर जूनियर बन गए हैं और उन्हें अपने ही जूनियर के अधीनस्थ काम करना पड़ रहा है। जिन अधिकारियों को प्रभावित होना पड़ा है, उनमें मुख्य वन संरक्षक एसपी पैकरा को वन संरक्षक कार्य आयोजना वन मंडल कांकेर, मुख्य वन संरक्षक बीपी सिंह को वन संरक्षक नया रायपुर अटल नगर, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उप वन संरक्षक, चूणामणि सिंह को उप वन मंडलाधिकारी, लोरमी वनमंडल मुंगेली, भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी उप वन संरक्षक पुष्पलता को उप वनमंडलाधिकारी डोंगरगढ़ वन मंडल खैरागढ़ नियुक्त किया गया है। मरवाही वन मंडल में वर्ष 2020 संवर्ग के सहायक वन संरक्षक संजय त्रिपाठी को वन मंडलाधिकारी मरवाही का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मरवाही वन मंडल के DFO राकेश मिश्रा अप्रैल 2021 में रिटायर हुए, तब प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) राकेश चतुर्वेदी को वन मंत्री मो. अकबर ने SDO संजय त्रिपाठी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे, लेकिन अचानक 12 घंटे में ही मामला पलट गया और जूनियर अफसर संजय त्रिपाठी को ही DFO का प्रभार सौंप दिया गया। इस दौरान उन्हें हटाकर वन मंडल में IFS अफसर की पोस्टिंग करने की मांग की गई थी।

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