Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल की लगी लत, परिजनों को चिंता मुक्त करने के लिए इस संस्था ने शुरू किए प्रयास

कोरोना संकट काल के बाद से बच्चों का रुझान मोबाइल की आरे ज्यादा बढ़ा है। कई बच्चे इसके बहुत आदी हो गए हैं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी प्रभावित हो रही है। इन हालातों के बीच बिहार में मुजफ्फरपुर की एक आर्ट संस्था सामने आई है। जो बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की कोशिश कर रही है।

This institution of muzaffarpur will get rid of children from mobile addiction Bihar Latest News
X

प्रतीकात्मक तस्वीर 

कोरोना (Corona) संक्रमण के दौर से स्कूली बच्चों के बीच मोबाइल का इस्तेमाल करने की लत (Molile habit) की एक बड़ी दिक्कत बनकर समाने आई है। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे किताबों से अधिक मोबाइल का उपयोग करने में वक्त दे रहे हैं। परिजन इससे काफी चिंतित हैं। क्योंकि मोबाइल पर पढ़ाई लिखाई को छोड़कर अन्य दूसरी कंटेंट्स भी मौजूद होते हैं। मोबाइल का अधिक इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक होता है। इन स्थितियों के बीच बिहार के मुजफ्फरपुर की एक आर्ट संस्था ने अच्छी पहल करती नजर आई है। यह संस्था आर्ट लर्निंग के माध्यम से बच्चों को मोबाइल से दूर करने की कोशिश कर रही है। इस संस्था को संचालित कर रहे सुधीर कुमार एक सरकारी स्कूल के टीचर हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लायनेस क्लब व संरचना आर्ट थिएटर ने मिलकर यह इंटीग्रेटेड लर्निंग विधि इजाद की है। इससे कोरोना में लगी मोबाइल इस्तेमाल की लत से बच्चों की दूरी बनवाई जा रही है। बच्चे मोबाइल से दूरी बनाकर कुछ रचनात्मक गतिविधि से जुड़ जाएं। इसलिए टीचर सुधीर कुमार द्वारा ऐसे बच्चों को आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग देने का शुभारंभ किया गया है। वहीं अब इससे भिन्न-भिन्न कला से संबंधित अन्य शिक्षक भी जुड़ गए हैं।

ऐसे मोबाइल के करीब पहुंचे बच्चे

बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर में रविवार को ऐसे बच्चों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई। यहां पहुंचे परिजनों व टीचर्स ने बताया कि कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन व तमाम शिक्षण संस्थाओं के करीब दो साल तक बंद होना व शिक्षण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बच्चों को मोबाइल के जरिए से ऑनलाइन कक्षा का कॉन्सेप्ट एक भिन्न व्यवस्था के तौर पर सामने आया।

स्कूल से लौटते ही मोबाइल पकड़ लेते हैं बच्चे

कोरोना से हालात सुधरे हैं तो तमाम शिक्षण संस्थान फिर से खुल गए हैं। कक्षाएं शुरू हो गई हैं, पर बच्चों पर मोबाइल का नशा ऐसा हावी हो गया है कि बच्चे स्कूल से लौटते ही खाना-पीना छोड़कर सीधे मोबाइल फोन पकड़ लेते हैं।

मुजफ्फरपुर शहर के गोला रोड में लायनेस क्लब व संरचना आर्ट थिएटर के संयोजन में कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें इंटीग्रेटेड लर्निंग के रिसोर्स पर्सन सुधीर कुमार ने बताया कि यहां बच्चों को मफ्त कम्प्यूटर शिक्षा के साथ ही आर्ट की पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है। जिससे बच्चों को मोबाइल की आदत से छुटकारा दिलाया जा सके।

Next Story