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Sunday Special: बिहार में शराबबंदी फेल! हालिया दिनों में जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत, जानें पुरानी बड़ी घटनाएं

बिहार में हालिया दिनों में जहरीली शराब पीने की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 40 के करीब जा पहुंचा है। जिसकी वजह से बिहार में दिपावली त्योहार भी किरकिरा हो गया है। सरकार की ओर से भी 21 लोगों की जहरीली शराब से मौत की पुष्टि कर दी गई है। मामले पर विपक्ष हमलावर है और सरकार कड़े कदम उठाने का भरोसा दे रही है।

Sunday Special Despite prohibition 40 people died due to spurious liquor in Bihar opposition attackers on Bihar government
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) में सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) का पूर्ण शराबबंदी का मिशन (total prohibition mission) पूरी तरह से असफल होता दिखाई दे रहा है। बिहार में शराबबंदी कानून (liquor prohibition law in bihar) लागू होने के बावजूद सूबे में अवैध शराब का कारोबार का धंधा (illicit liquor business) धड़ल्ले से जारी है। इन हालातों के बीच बिहार में जहरीली शराब पीने की वजह से मरने वालों का सिलसिला (death due to spurious liquor) भी लगातार जारी है। बिहार सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि हालिया दिनों में जहरीली शराब पीने की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिपावली के आसपास के दिनों में जहरीली शराब पीने की वजह से करीब 40 लोग अपनी जा गंवा चुके हैं।

बिहार में पांच अप्रैल 2016 को शराबबंदी लागू हुई थी। तब से लेकर अब तक करीब 100 से ज्यादा लोग शराब पीने की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। सिर्फ साल 2021 में अब तक जहरीली शराब से करीब 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार में इस वर्ष मुजफ्फरपुर, बेतिया और गोपालगंज में दर्जनों लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है। गोपालगंज जिले में दिपावली से एक दिन पहले यानी कि बुधवार को जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत का मामला ठंढा भी नही पड़ा था कि दिपावली के दिन यानी कि गुरुवार से शुक्रवार तक पश्चिम चंपारण के नौतन में 15 की मौत जहरीली शराब से हो गई। नौतन में दीपावली के दिन करीब एक दर्जन घरों में जहरीली शराब की वजह से मातम पसर गया था। वहीं जहरीली शराब को लेकर शनिवार को समस्तीपुर जिले से भी दर्दनाक खबर सामने आई। यहां भी जहरीली शराब की वजह से सेना के जवान समेत चार लोगों की मौत की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है।

कथित तौर पर जहरीली शराब (spurious liquor scandal) पीने से हुई मौतों पर बेतिया के एसपी ने बताया कि 13 लोगों की मौत हुई है व अभी नौ लोगों का इलाज चल रहा है। नौतन के एसएचओ व वहां के स्थानीय वफादार को निलंबित कर दिया गया है। मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है और कुछ लोग फरार है उनके खिलाफ छापेमारी की जा रही है।

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गोपालगंज के एसपी आनंद कुमार ने बताया था कि जिले में शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, 50 से अधिक जगहों पर छापा मारा गया है। जिसमें 19 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया और 270 लीटर देशी शराब बरामद हुआ तथा 6 वाहनों को जब्त किया गया है।

गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा था कि अभी तक जो तथ्य समाने आए हैं, उससे ज्ञात होता है कि स्प्रिट से शराब बनाने का प्रयास किया गया। एफएसएल (FSL) रिपोर्ट आने के बाद हम पुख्ता बता सकते हैं, लोगों के बयान के आधार पर मौतें जहरीली शराब से हुई हैं, इसकी आधिकारिक तौर पर अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है।

आपको बता दें शराबबंदी के बाद से बिहार में अब तक जहरीली शराब से सर्वाधिक मौतें इसी साल हुई हैं। इसके पहले शराबबंदी के बाद वर्ष 2016 से 2020 तक जहरीली शराब के कारण 35 लोगों की मौत हुई थी।

जहरीली शराब से इस वर्ष हो चुकी है 90 से ज्यादा मौत

अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है पर यहां जहरीली शराब से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2021 में अब तक भिन्न-भिन्न 15 घटनाओं में जहरीली शराब से 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे बिहार के उत्‍पाद व मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार साल 2021 में केवल 40 मौतों की पुष्टि कर रहे हैं।

इस वर्ष की प्रमुख घटनाओं पर बनाए नजर

गोपालगंज और पश्चिम चंपारण में हालिया दिनों घटनाओं से पहले भी इस तरह की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस वर्ष जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा मुजफ्फरपुर में 17 और 18 फरवरी 2021 को कटरा थाना क्षेत्र में पांच की मौत से खुला था। इसके बाद 26 फरवरी को भी मुजफ्फरपुर के मनियार स्थित विशनपुर गिद्दा गांव में दो लोगों की मौत हुई। इसके बाद 28 अक्टूबर 2021 को भी मुजफ्फरपुर के सरैया थाना इलाके के रूपौली व विशहर पट्टी गांवों में जहरीली शराब ने आठ लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

नवादा में होली के बाद जहरीली शराब से मौत की बड़ी घटना सामने आई थी। यहां टाउन थाना इलाके के गांवों में 16 से ज्यादा लोगों की जहरीली शराब से मौत हो गई थी। बेगूसराय के बखरी में होली के बाद ही जहरीली शराब से दो, कोचा में चार, गोपालगंज के विजयपुर के मंझौलिया में तीन, मुफस्सिल के बरही बीघा में एक, रोहतास के करगहार में एक शख्स की मौत हो गई थी। वहीं होली के बाद ही कैमूर के सदर थाना इलाके में दो लोगों की मौत हो गई थी। जहरीली शराब से मौतों का एक और बड़ा कांड जुलाई में पश्चिमी चंपारण में 16 की मौत के साथ सुर्खियों में आया था। अक्टूबर महीने में सिवान के गुठनी में चार और इससे पहले वैशाली जिले के राजापाकड़ में 12 अक्टूबर को एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

इन घटनाओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर है सरकार

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं को विपक्ष बिहार में शराबबंदी की असफलता मान रहा है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता विपक्ष तेजस्‍वी यादव ने इसे सरकार और शराबबंदी कानून की असफलता माना है। वहीं रादज प्रवक्‍ता चितरंजन गगन का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार के दिखावे वाली शराबबंदी ने एक समानांतर अर्थव्यवस्था को पैदा कर दिया है। जिससे प्रदेश में अवैध शराब निर्माण, शराब तस्करी व इस तरह की शराब की घरों में आपूर्ति को पुलिस का संरक्षण प्राप्‍त है। इस वजह से निर्दोष लोगों की मौतें हो रही हैं। इन सब के बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार अवैध शराब की घटनाओं पर गंभीर नजर आ रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व आबकारी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने भी कहा कि छठ के बाद वह शराबबंदी कानून की समीक्षा कर इसके पालन को लेकर कड़े कदम उठाएंगे।

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