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Republic Day: कैप्टन मोहम्मद कमरुल जमां ने देश-दुनिया में रौशन किया बिहार का नाम

Republic Day: बिहार समेत देशभर में आज 72वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। वहीं आज बिहार के लाल अर्मी जवान मोहम्मद कमरूल जमां ने दिल्ली में राजपथ परेड में ब्रह्मोस मिसाइल के दस्ते को लीड किया।

Republic Day Mohammad Qamarul Zaman raised Bihar value by leading BrahMos missile squad on Delhi Rajpath Sitamarh news
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मोहम्द कमरुल जमां 

Republic Day: बिहार समेत देशभर में आज (26 जनवरी) को 72वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस बीच बिहार और सीतामढ़ी जिले के 'लाल' मोहम्द कमरुल जमां देश की शान बन गए हैं। दरअसल गणतंत्र दिवस के मौके पर आज बिहार के 'लाल' मोहम्द कमरुल जमां ने राजपथ पर निकाली गई परेड में ब्रह्मोस मिसाइल के दस्ते को लीड करके यह कारनामा कर दिया। आपको बता दें, बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले मोहम्मद कमरुल जमां इंडियन आर्मी में कैप्टन के पद पर तैनात हैं।

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद कमरुल जमां सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के एक छोटे से गांव तलखापुर के स्थाई निवासी हैं। दिल्ली में गणतंत्र के मौके पर राजपथ पर निकाली गई परेड में भारत के पहले सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस दस्ते की झांकी की अगुवाई की। मोहम्मद कमरुल जमां एक साधारण से परिवार से ताल्लुक रखते हैं व भारतीय आर्मी में कैप्टन के पद पर तैनात हैं।

अपको बता दें, भारतीय आर्मी का मिसाइल ब्रह्मोस वो अचूक शस्त्र है, जो धरती से धरती पर मारक क्षमता रखता है। मिसाइल ब्रह्मोस 400 किलोमीटर की मारक क्षमता रखने वाला शस्त्र देश की आन-बान का प्रतीक है। मिसाइल ब्रह्मोस की रफ्तार ध्वनी की गति से भी तीन गुणा अधिक है।

मोहम्मद कमरुल जमां की इस उपलब्धि पर उनके गांव तलखापुर और उनके परिवार के लोग काफी गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। वहीं कमरुल जमां के पिता कोई छोटा रोजगार करते हैं और उसी से अपने परिवार का प्ररण पोषण करते हैं। मोहम्मद कमरुल जमां अपनी 5 बहनों में इकलौते भाई हैं और अपनी बहनों में सबसे बड़े हैं। कमरुल जमां साल 2012 भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वहीं सेना में ये हुनर के बल पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। कमरुल जमां 2018 में लेफ्टिनेंट बने और वर्ष 2020 में कप्तान बने और आज कमरुल जमां देश के साथ-साथ बिहार और सीतामढ़ी की शान बन गए हैं।

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