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Corona: क्षतिग्रस्त फेफड़े फिर हो जाएंगे स्वस्थ, यहां इस पद्धति से कराएं इलाज

कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने के बाद भी उनका पीछ़ा नहीं छोड़ रहा है। कोरोना से लोगों के फेफड़े क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। जिनको एलोपैथी की मदद से फिर स्वस्थ नहीं किया जा सकता है। यदि आप इस पद्धति से उपचार कराएंगे तो फेफड़े समेत अन्य क्षतिग्रस्त अंगों को फिर से स्वस्थ करने में सफलता हासिल होगी।

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कोरोना (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) से एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। खबर ये है कि जो लोग कोरोना महामारी (Corona epidemic) से स्वस्थ (healthy) होने के बाद भी परेशानियों (Troubles) का सामना कर रहे हैं। उनको राहत प्रदान करेगी।बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस (Corona virus) से ठीक होने के बाद भी लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों को पटना एम्स में ओपीडी और पीएमसीएच में भर्ती कराने के बाद उपचार देने की व्यवस्था है। इस कड़ी में शुक्रवार से राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल पोस्ट कोरोना मरीजों का उपचार शुरू कर चुका है। इसके लिए पंचकर्म, शालाक्य, काय चिकित्सा, स्वस्थ्यवृत एवं योग, शल्य, बालरोग एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागों के विशेषज्ञों की एक खास शाखा बनाई गई है।

ये सूचना प्राचार्य डॉ. दीनेश्वर प्रसाद की तरफ से दी गई है। डॉ. दीनेश्वर प्रसाद ने बताया कि पॉजिटिव मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनको सांस लेने में कठिनाई, सूखी खांसी, कमजोरी, चक्कर, घबराहट, भूख नहीं लगना, मुंह सूखना, नींद नहीं आना, आंखों में लाली, सुगंध व स्वाद की कमी समेत अन्य कई तरह की मानसिक और शारीरिक परेशानियां हो रही हैं। वहीं उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से क्षतिग्रस्त हुए फेफड़ों को एलोपैथी से एक बार फिर से स्वस्थ नहीं किया जा सकता है। लेकिन क्षतिग्रस्त फेफड़ों और अन्य अंगों को एक बार फिर से स्वस्थ करने के लिए आयुर्वेद और योग (Ayurveda and Yoga) को उत्तम चिकित्सा पद्धति (Medical practice) माना जाता है।

योग, प्राणायम करने से स्वस्थ होने के समय में आएगी कमी

डॉ. दीनेश्वर प्रसाद ने बताया कि क्रियाकल्प, पंचकर्म, मर्म चिकित्सा एवं अग्निकर्म और क्षारसूत्र से पोस्ट कोविड रोगियों की दिक्कतों को समाप्त किया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि योग एवं प्राणायाम से स्वस्थ होने का समय काफी कम हो जाता है। पोस्ट कोरोना मरीजों के इलाज के लिए भी हर व्यवस्था कर दी गई है। काय चिकित्सा, पंचकर्म, शालाक्य, स्वस्थ्यवृत एवं योग, बालरोग, शल्य एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक ऐसे रोगियों का इलाज करेंगे।

सुबह 8.30 से शुरू होगा उपचार

प्राचार्य डॉ. दीनेश्वर प्रसाद ने बताया कि रोजाना सुबह साढ़े आठ से डेढ़ बजे दोपहर तक पोस्ट कोरोना मरीजों का इलाज किया जाएगा। आवश्यकता होने पर मरीजों को भर्ती करके भी इजाल किया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि जिन लोगों की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित नहीं है। पर ऐसे मरीजों में कोरोना वायरस से मिलते-जुलते लक्षण हैं तो ऐसे मरीजों का भी इलाज हो रहा है।

टीकाकरण से संबंधित शिकायत ऐसे करें

वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना टीकाकरण का कार्य चल रहा है। इस दौरान अस्पताल में डॉक्टरों या स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही, अनुपस्थिति, सेवा में कोताही बरते जाने पर प्राचार्य से मोबाइल नंबर 9470019814 पर शिकायत कर सकते हैं।

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