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मंडल कारा के कैदी की मौत से मचा हड़कंप, शराब बेचने के आरोप में हुई थी जेल

बिहार की खगड़िया मंडल कारा में बदं एक कैदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। ये कई दिनों से बीमार था। वहीं मौत की सूचना से कारा प्रशासन समेत अन्य कैदियों के बीच हड़कंप मच गया है।

Prisoner of Khagaria Mandal Jail dies during treatment bihar liquor news
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) की खगड़िया (Khagaria) जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार खगड़िया मंडल कारा के एक कैदी की इलाज के दौरान गुरुवार की सुबह को मौत (death of a prisoner) हो गई। इसकी वजह से अन्य कैदियों समेत जेल प्रशासन में खलबली मच गई है। जानकारी के मुताबिक इस कैदी की पिछले कई दिनों से तबीयत ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से गुरुवार की सुबह को इनकी मौत हो गई। वहीं दबी जुबान में मामले को लेकर लापरवाही बरते जाने की बात भी सामने आई है।

कैदी की मौत की सूचना मिलते ही मंडल कारा (Khagaria Divisional Jail) में बंद दूसरे कैदियों के बीच भी अपरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है। मृत कैदी की शिनाख्त खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड निवासी चंद्रवंशी राम के तौर पर की गई है। मामले पर जेल अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि कैदी चंद्रवंशी राम को 21 जून, 2021 को मंडल कारा में प्रवेश मिला था। कोरोना काल होने के कारण चंद्रवंशी राम को उसी दिन क्वारेंटीन के लिए नवगछिया भेजा गया था। इसके बाद 17 जुलाई को चंद्रवंशी राम को फिर से वापस मंडल कारा लाया गया था। चंद्रवंशी राम को एक्साइज एक्ट में जेल भेजा गया था। चंद्रवंशी राम के खिलाफ शराब बेचने का आरोप था। वहीं जेल अधिकारी ने बताया कि मौत के कारणों के बारे में तो डॉक्टर की कुछ बता पाएंगे। वहीं उन्होंने अपनी ओर से सफाई पेश करते हुए कहा कि कैदी चंद्रवंशी राम की मौत खगड़िया सदर अस्पताल में हुई है। जेल में चंद्रवंशी राम की स्थिति सही थी।

दूसरी ओर कैदी मौत मामले में शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह की ओर से जेल प्रशासन समेत जिला प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप जड़े गए हैं। वहीं मनीष ने जिला प्रशासन से जेल प्रशासन पर कड़ी निगरानी रखे जाने की मांग उठाई है। उन्होंने मांग उठाई कि जेल में ऐसी व्यवस्था हो कि कैदियों की दिक्कतों का हल वहीं हो जाए। जेल में कैदियों को नियमित जांच, इलाज और दवा भी मिले। उनका कहना है कि कैदियों को जेल से अस्पताल व वहां से बड़े अस्पताल रेफर करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। करीब 4 बार कैदियों को अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस कारण कैदियों का स्वास्थ्य और ज्यादा खराब हो जाता है। याद रहे शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह द्वारा पूर्व में भी जेल की कुव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई गई थी।

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