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Covid-19: मुंबई से पटना पहुंचे 17 यात्री पाए गए कोरोना संक्रमित, तेजी से बढ़ रहा कोरोना का खतरा

बिहार (Bihar) में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मुंबई (Mumbai) से पटना आने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन (Lokmanya Tilak Terminal Express Train) से बिहार के लिए 655 यात्री ट्रेन से रवाना हुए है।

Covid-19: मुम्बई से पटना पहुंचे 17 यात्री पाए गए कोरोना संक्रमित
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मुंबई (Mumbai) से पटना आने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस ट्रेन (Lokmanya Tilak Terminal Express Train) से बिहार के लिए 655 यात्री ट्रेन से रवाना हुए है। बिहार की राजधानी पटना पहुंचने पर यात्रियों के जब कोरोना टेस्ट (Corona Test) किए गए तो उसमें से 17 यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए। बता दें कि इस ट्रेन के आने के पहले जिला प्रशासन और रेलवे (Indian Railway) की ओर से यात्रियों के कोरोना जांच की खास तैयारी की गई थी। लिहाजा सभी यात्रियों को ट्रेन से उतरते ही लाइन में खड़ा कर दिया गया। इसके बाद एक-एक कर सबकी कोरोना जांच की गई। इनमें से 17 यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पटना जिला प्रसाशन के अधिकारी विनायक मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना का कहर सबसे ज्यादा है। इसलिए मुम्बई से आने वाली ट्रेनों के सभी यात्रियों की कोरोना जांच एंटीजन किट से कराई गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुम्बई से आने वाली ट्रेन के लिए पटना रेलवे स्टेशन पर खास इंतजाम किया गया था। प्लेटफार्म नंबर एक से निकलने वाले सभी रास्‍तों को बंद कर दिया गया था। सिर्फ दो मेन गेट को ही खोला गया था, जिससे एक-एक कर यात्री बाहर आ रहे थे। जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम बारी-बारी से उनका जांच कर रही थी। कोरोना जांच के लिए जिला प्रशासन के द्वारा एक साथ कई काउंटर बनाए गए थे। जांच में नेगेटिव आए पैसेंजर को ही घर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन जो पॉजिटिव पाए जा रहे थे उन्हें अलग एक कोने में बिठाया जा रहा था।

स्वास्थ्य क्रर्मियों द्वारा जांच पूरी होने के बाद पॉजिटिव पाए गए सभी यात्रियों को होटल पाटलिपुत्र अशोक में बने आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया। पटना रेलवे स्टेशन पर मुम्बई से आए लोगों में ज्यादातर वे थे जो मुंबई में लॉकडाउन लगने कारण रोजगार छिन जाने के बाद बिहार अपने घर पहुंचे थे। ज्यादातर लोगों का कहना था कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण वह अपने घर वापस लौट रहे हैं।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना बढ़ने के कारण उन्हें रोजगार भी नहीं मिल रहा था। महाराष्ट्र से आए मोहम्‍मद आफताब, सूरज कुमार और बीएन शाह ने कहा कि वहां लॉकडाउन लगने के कारण काम-धंधा बंद हो गया था। इसलिए बेरोजगारी में मुम्बई में रहने से अच्छा उन्होंने बिहार अपने घर आना ठीक समझा। लोगों का अपने घरों को लौटना इसलिए भी जरूरी हो गया है कि लोग पिछले साल लॉकडाउन में इस तरह की परेशानी का सामना कर चुके हैं।

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