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रामचंद्र पासवान की पुण्यतिथि पर भावुक पशुपति पारस ने भतीजे चिराग को दिया आशीर्वाद, बोले...

एलजेपी में हुई टूट के बाद से पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान दोनों एक दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे थे। वहीं अब चाचा पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान को एक बार फिर से बेटा कहकर पुकारा और उन्हें आशीर्वाद भी दिया है। मौका रामचंद्र पासवान की दूसरी पुण्यतिथि का था।

Pashupati Paras blesses nephew Chirag Paswan on death anniversary of Ramchandra Paswan Bihar Political News
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दिल्ली: रामचंद्र पासवान की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में अपने-अपने आवास पर पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान ने भाग लिया।

लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) में हुई टूट के बाद करीब पिछले दो महीनों से भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) और पशुपति कुमार (Pashupati Kumar) दोनों एक दूसरे के खिलाफ हमलावर दिखाई दे रहे थे, लेकिन काफी दिनों बाद आज इन दोनों के रिश्ते के बीच जमी बर्फ कुछ हद तक पिघलती नजर आई। पशुपति कुमार पारस के छोटे भाई रामचंद्र पासवान की दूसरी पुण्यतिथि (Ramchandra Paswan's death anniversary) का मौका था। इस मौके पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस पहुंचे। यहां पशुपति कुमार परास और चिराग पासवान ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पारस ने इन दो महीनों में पहली बार चिराग पासवान के प्रति भी नरम रूख अपनाया।

इस कार्यक्रम में पशुपति पारस ने बताया कि देश में हमारा परिवार ही ऐसा है। जिसमें हर सदस्य को सांसद बनने का मौका मिला। हमारे परिवार ने देश को पांच सांसद दिए हैं। कार्यक्रम में पशुपति कुमार पारस चिराग पासवान को लेकर भी काफी नरम दिखाई दिए। पारस ने कहा कि हम तीन भाइयों के बाद इस विरासत को अब चिराग पासवान और प्रिंस पासवान आगे बढ़ा रहे हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि ये दोनों हम लोगों से भी अच्छा कार्य करें। ये दोनों हमसे काफी ज्यादा नाम रोशन करे। मेरा आशीर्वाद इन दोनों के साथ है।

भावुक पारस ने कही ये बात

छोटे भाई रामचंद्र पासवान की दूसरी पुण्यतिथि पर भावुक पशुपति कुमार पारस ने बताया कि हम तीन भाई थे। तीनों भाइयों में रामचंद्र पासवान सबसे लाडला था। वहीं उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद व्यस्तता इतनी बढ़ गई कि कभी हम दोनों भाई साथ में बैठ नहीं पाते थे। पशुपति पारस ने कहा कि रामचंद्र पासवान की मौत से पहले हम दोनों भाइयों ने साथ में करीब छह घंटे वक्त बिताया था। जब तक मैं संसद से लौटा, तब तक रामचंद्र पासवान की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसके बाद ही रामचंद्र पासवान दुनिया से विदा हो गए।

बेशक रामचंद्र पासवान के बहाने से ही सही जैसे पशुपति पारस ने चिराग पासवान के प्रति अपना रवैया अपनाया है। उससे कयास लगने शुरू हो गए हैं कि दो महीनों से पार्टी पर अधिकार को लेकर चाचा और भतीजे के बीच जारी जंग का अंत सुखद हो सकता है।

चिराग पासवान ने भी दी श्रद्धांजलि

स्व. रामचंद्र पासवान की पुण्यतिथि पर सांसद चिराग पासवान के दिल्ली स्थित आवास पर भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान चिराग पासवान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। चिराग पासवान ने इसको लेकर ट्वीट करके भी संदेश जारी किया। जिसमें चिराग ने लिखा कि समस्तीपुर लोकसभा के पूर्व सांसद व मेरे छोटे चाचा जी स्वर्गीय रामचंद्र पासवान जी की पुण्यतिथि पर उनको नमन करता हूं। पहले छोटे चाचा जी फिर पापा के निधन के कारण पिछले दो वर्ष परिवारिक तौर पर बेहद कष्ट देने वाले रहे हैं। छोटे चाचा जी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। विनम्र श्रद्धांजलि!

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