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चाचा पशुपति पारस ने भाई राम विलास पासवान के लिए सरकार से मांगा ये बड़ा सम्मान

बिहार में हाजीपुर से जहां आज चिराग पासवान आशीर्वाद यात्रा शुरू कर रहे हैं। वहीं एलजेपी संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती भी मनाई जा रही है। इस मौके पर दिवंगत रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस ने सरकार के समक्ष बड़ी मांग रखी है।

चाचा पशुपति पारस ने भाई राम विलास पासवान के लिए सरकार से मांगा ये बड़ा सम्मान
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पटना: दिवंगत नेता राम विलास पासवान को जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते पशुपति पारस।

बिहार (Bihar) में हाजीपुर (Hajipur) से जहां सोमवार को एलजेपी सांसद चिराग पासवान (LJP MP Chirag Paswan) अपनी आशीर्वाद यात्रा (ashirwad-yatra) का शुभारंभ कर रहे हैं। वहीं आज ही लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) जी की जयंती भी मनाई जा रही है। इस मौके पर चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने भी अपने दिवंगत भाई राम विलास पासावान को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर चाचा पशुपति कुमार पारस ने अपने भाई रामविलास पासवान के लिए राज्य और केंद्र सरकार से बड़ी मांग रखी।

पशुपति कुमार पारस ने कहा कि आज राम विलास पासवान हम लोगों के बीच नहीं हैं। वो पूरे देश में काफी लोकप्रिय थे। कोई शोषित हो, अतिपिछडा हो, गरीब हो, दलित हो या ऊंची जाति के लोग हों भाई राम विलास पासवान सभी के लिए जंग लड़ते रहे। वे जेल भी गए, पिटाई भी खाई व 52 साल तक देश की सियासत में रहे। इस मौके पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते वक्त पशुपति कुमार पारस ने कहा कि एलजेपी संस्थापक राम विलास पासवान को दूसरा आंबेडकर भी माना जाता था। इसलिए मैं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से निवेदन करता हूं कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करें।

वहीं पशुपति पारस ने बताया कि राम विलास पासवान 1969 से लगातार विधानसभा, लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य रहे। 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का भाई राम विलास पासवान को कार्य करने का मौका मिला था। उन्होंने बताया कि राम विलास पासवान का नाम गिनीज बुक में दो-दो बार लिखा गया। एक बार वर्ष 1989 व दूसरी बार साल 1977 में लिखा गया था। रेल मंत्री बनने के बाद राम विलास पासवान हाजीपुर में जोनल ऑफिस खुलवाया था। उन्होंने पटना से राजधानी एक्सप्रेस चलवाया थी। उस वक्त कहा गया था कि यात्री कहां से आएंगे। लेकिन आज देखो, सबसे ज्यादा भीड़ राजधानी एक्सप्रेस में ही होती है।

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