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एक्शन में नीतीश सरकार : कोरोना से ज्यादा प्रभावित जिलों में अलग से तैनात किए अफसर

बिहार में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही सूबे में संक्रमितों की संख्या 30 फीसदी बढ़ चुकी है। जिसको लेकर अब नीतीश सरकार भी हरकत में आ गई है। सरकार ने ज्यादा प्रभावित जिलों में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चार आईएएस, पांच आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है।

nitish government in action officers deployed separately in districts affected by corona
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। पिछले एक सप्ताह में ही सूबे में संक्रमितों की संख्या 30 फीसदी बढ़ चुकी है। केंद्र ने बिगड़ते हालात को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम भेजने व सूबे की सरकार को हर जरूरी मदद देने का ऐलान किया है। इन सबके बीच अब नीतीश सरकार भी हरकत में आ गई है। सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चार आईएएस, पांच आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। 18 जुलाई को इन अधिकारियों के डेपुटेशन के आदेश जारी भी कर दिए गए। इन अधिकारियों का डेपुटेशन कोरोना वायरस से ज्यादा प्रभावित जिलों में किया है।

बिहार की राजधानी पटना में कोरोना वायरस की तेजी पर लगाम लगाने के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक आईपीएस अधिकारी हिमांशु, अवधेश दीक्षित व शुभम आर्य को पटना एम्स के साथ ही पटना मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, नालंदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई है।

भागलपुर और गया में भी दो आईपीएस अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति दी गई है। आईपीएस भरत सोनी को भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में प्रतिनियुक्ति दी गई है। इसके अलावा रोशन कुमार को अनुग्रह नारायण मगध चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में प्रतिनियुक्ति दी गई है। भागलपुर में आईएएस दीपक कुमार को भी तैनाती दी गई है।

इन अधिकारियों के अलावा नीतीश सरकार ने नवीन कुमार, सुमित कुमार व विक्रम वीरकर को भी कोरोना की रोकथाम के लिए डेपुटेशन दिया है। इन तीन अधिकारियों को पटना में तैनात किया गया है। बता दें बिहार में कोरोना वायरस के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

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