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मंगल पाण्डेय बोले - 2005 के बाद से बिहार में गरीबों को दी जा रही 300 प्रकार की दवाइयां मुफ्त

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की एक दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला को संबोधित किया। मंगल पाण्डेय ने कहा कि सूबे के सरकारी अस्पतालों में 2005 से पहले गरीबों को मुफ्त दवाइयां नहीं मिलती थी। पर आज बिहार सरकार द्वारा 300 प्रकार की दवाइयां गरीबों को फ्री दी जा रही हैं।

mangal pandey told that now 300 types of medicines being given to the poor in bihar are free
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मंगल पाण्डेय

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा नेता मंगल पाण्डेय ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की बिहार प्रदेश चुनाव आयोग सेल की एक दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला को संबोधित किया। इस दौरान मंगल पाण्डेय ने कहा कि 2005 की सरकारों के शासन में बिहार के अंदर सरकारी अस्पतालों में गरीब लोगों को मुफ्त दवाइयां नहीं मिलती थी। लेकिन आज बिहार में सूबे की गरीब जनता को सरकारी अस्पतालों में करीब 300 विभिन्न प्रकार की दवाइयां फ्री दी जा रही हैं। मंगल पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान में बिहार सरकार एक वर्ष में दवाइयों पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करती है। इसलिये 2005 और वर्तमान की सरकारों में अंतर बिल्कुल साफ है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के पास दवाइयों के लिये पैसे नहीं थे। वहीं आज गरीबों की दवाइयों के लिये 250 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। मंगल पाण्डेय ने कहा कि 2005 तक बिहार में केवल 6 मेडिकल अस्पताल और दो प्राइवेट मेडिकल अस्पताल थे। यानि कि कुल मिलाकर बिहार में केवल आठ मेडिकल अस्पताल थे। वर्तमान में 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं। इसके अलावा पांच प्राइवेट मेंडिकल कॉलेज अस्पताल हैं।



2005 के बाद बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में हुआ भारी परिवर्तन: स्वास्थ्य मंत्री

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने रविवार को ट्वीट कर इस वर्चुअल बैठक में भागीदारी निभाने की पुष्टि की है। साथ ही इस दौरान उन्होंने बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों को संबोधित भी किया। बैठक को संबोधित करते हुये मंगल पाण्डेय ने कहा कि बिहार में 2005 की सरकारों के शासन के बाद से सूबे की स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं में भारी बदलाव हुआ है। मंगल पाण्डेय ने 2005 और बिहार वर्तमान सरकार द्वारा स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर किये गये कार्यों को भी गिनवाया। मंगल पाण्डेय ने कहा कि फर्क साफ है। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार के एक पीएचसी यानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महीने में केवल 39 मरीज इलाज कराने के लिये पहुंचते थे। मंगल पाण्डेय ने कहा कि आज बिहार के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या महीने में करीब 10 हज़ार है। साथ मंगल पाण्डेय ने दावा किया कि वर्तमान में राज्य की चिकित्सकीय सुविधाओं, अस्पतालों और डॉक्टरों पर जनता का विश्वास बढ़ा है।

भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की बिहार प्रदेश कार्यसमिति द्वारा रविवार को 'आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में हमारी भूमिका' विषय पर वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। आयोजित वर्चुअल बैठक में अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने भी हिस्सा लिया। साथ अन्य भाजपा नेता और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी एक दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला में वर्चुअल माध्यमों से भाग लिया। बैठक में 'आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में हमारी भूमिका' विषय पर चर्चा की गई। जिसको बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने भी संबोधित किया।

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