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जदयू विधायक मेवालाल चौधरी की कोरोना से मौत, तीन दिन पहले पाए गए थे कोरोना संक्रमित

बिहार में कोरोना (Corona) से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में बिहार में कोरोना से 27 लोगों की मौत (Death) की खबर है। वहीं बिहार के मुंगेर जिले से जदयू विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी (Former Education Minister Mevalal Chaudhary) की कोरोना से मौत हो गई है।

जदयू विधायक मेवालाल चौधरी की कोरोना से मौत, तीन दिन पहले पाए गए थे कोरोना संक्रमित
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जदयू विधायक मेवालाल चौधरी का फाइल फोटो।

बिहार में कोरोना (Corona) से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में बिहार में कोरोना से 27 लोगों की मौत (Death) की खबर है। वहीं बिहार के मुंगेर जिले से जदयू विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी (Former Education Minister Mevalal Chaudhary) की कोरोना से मौत हो गई है। आपको बता दें कि वे तीन दिन पहले कोरोना संक्रमित पाए गए थे। आज सुबह उनकी मौत हो गई है। पिछले तीन दिन से वे पटना के पारस हॉस्पिटल में भर्ती थे। चौधरी पिछले साल हुए बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव में मुंगेर की तारापुर सीट से जेडीयू के टिकट पर विधायक चुने गए थे। यही नहीं, वह सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। मेवालाल चौधरी की मौत के बाद परिवार के सभी सदस्य पटना में ही मौजूद हैं।

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान (Governor Fagu Chauhan) ने चौधरी की मृत्यु पर शोक जताते हुए कहा कि उनकी मृत्यु से सामाजिक-राजनीतिक एवं शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। राज्यपाल ने चौधरी की आत्मा को चिरशांति तथा उनके शोक संतप्त परिजनों-प्रशंसकों को धैर्य-धारण की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने चौधरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कहा कि वह एक कुशल राजनेता, प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं प्रख्यात समाजसेवी थे। वे मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हूं। उनका निधन बहुत ही दुखद है। इससे शिक्षा, राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं उन्होंने कहा कि मेवालाल चौधरी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा।

आपको बता दें कि डॉ. मेवालाल चौधरी तारापुर प्रखंड के कमरगांव (Kamargaon) के निवासी थे। राजनीति में आने से पहले वर्ष 2015 तक वे भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय (Bhagalpur Agricultural University) के कुलपति थे। वर्ष 2015 में सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आए। इसके बाद जेडीयू से टिकट लेकर तारापुर से चुनाव लड़े और जीत गए, लेकिन चुनाव जीतने के बाद डॉ. चौधरी नियुक्ति घोटाले में आरोपित किए गए। कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले का मामला सबौर थाने में वर्ष 2017 में दर्ज किया गया था। इस मामले में विधायक ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली थी। बता दें कि डॉ. मेवालाल चौधरी की पत्नी की पहले ही 2019 में गैस सिलेंडर से लगी आग में झुलसने से मौत हो गई थी।

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