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नीतीश के विधायक बोले- नशे में पीटकर पुलिस ने मार डाला कर्मचारी, यहां उठाया जाएगा मुद्दा

बिहार के भागलपुर जिले की गोपालपुर सीट जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल हमेशा विवादित बोल के लिए सुर्खियों में रहते हैं। इस बार गोपाल मंडल ने पुलिस हिरासत में सरकारी कर्मी की मौत मामले पर बयान देकर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।

JDU mla Gopal Mandal target bihar police over government employee death in police custody in bhagalpur
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विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल

बिहार (Bihar) के भागलपुर (Bhagalpur) जिले के बरारी थाना (Bari Police Station) पुलिस की हिरासत (Police custody) में बीते सोमवार की देर रात को मायागंज मोहल्ला निवासी संजय कुमार 45 की मौत हो गई थी। इसके बाद से मामले को लेकर बिहार पुलिस (Bihar Police) की लगातार घिर रही है। विपक्ष तो इस मामले को लेकर बिहार सरकार (Government of Bihar) को कटघरे में खड़ा कर ही रहा है। वहीं अब जदयू विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल (JDU MLA Narendra Kumar Neeraj alias Gopal Mandal) ने खुद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पुलिस पर निशाना साधा है।

गोपालपुर सीट से जदयू विधायक गोपाल मंडल ने पुलिस हिरासत में सरकारी कर्मी की मौत पर कहा कि नशे में संजय यादव नहीं थे। बल्कि नशे में बरारी पुलिस थी। नशे में पीट-पीटकर पुलिसवालों ने संजय यादव को मार डाला। बरारी थाना पुलिस निर्दोष सरकारी कर्मचारी संजय यादव के गले में गमछा बांधकर घर से घसीटकर थाने तक लाई थी। बरारी थाने की पुलिस कर्मियों की लापरवाही की वजह से संजय यादव की मौत हुई। विधायक ने कहा कि मृतक की बेटी और उनके अन्य परिजन ने जब पुलिस कर्मियों रोकने की कोशिश की तो पुलिस द्वारा उनके परिजनों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। संजय यादव बार-बार अपनी सफाई दे रहा थे। लेकिन बरारी पुलिस उनकी एक बार सुनने के लिए तैयार नहीं थी।

विधायक गोपाल मंडल ने शुक्रवार को भागलपुर पुलिस पर जमकर निशाना साधा। साथ ही वो पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में अपने पूर्व के बयान से भी पीछे हट गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठा दिए। विधायक ने कहा कि यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधिकारियों के दबाव में बनाई गई है। उन्होंने कहा कि नेचुरल डेथ नहीं हुई है। बल्कि गला दबने की वजह से संजय यादव की मौत हुई है। इस घटना के बाद जब वो बरारी थाने पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं था। एक मजिस्ट्रेट और बाद में थाने का मुंशी आया। लेकिन इस घटना के संबंध में कोई कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं था। विधायक ने मांग उठाई है कि इस पूरे मामले में संलिप्त वरीय अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। जब विधायक खुद द्वारा पूर्व में दिए गए बयान के बाद मृतक परिजनों से मिले थे। उनके परिजनों ने विधायक को काफी खरी-खोटी सुनायी थी।

परिजनों ने पुलिस के खिलाफ लगाए ये आरोप

आपको बता दें बरारी थाना पुलिस की हिरासत में बीते सोमवार को देर रात मायागंज मोहल्ला निवासी संजय कुमार की मौत हो गई थी। मृतक लघु सिंचाई विभाग बांका में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। उनके परिजनों ने पुलिस के खिलाफ संजय की पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस तबीयत बिगड़ने से संजय की मौत की बात कह रही है।

विधायक ने पीड़ित परिवार के लिए अनुकंपा पर मांगी नौकरी

विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की वो सीएम नीतीश कुमार और डीजीपी से मिलकर शिकायत करेंगे। साथ ही विधायक गोपाल मंडल ने पीड़ित परिवार के लिए 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। सरकारी कर्मचारी की मौत पर उन्होंने अनुकंपा के आधार पर परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि वो विधायक दल की बैठक में भी इस मामले को उठायेंगे। इनसे पहले राजद नेता तेज प्रताप यादव ने भी मामले को लेकर बिहार पुलिस और सरकार के खिलाफ निशाना साधा था।

शराबबंदी की असफलता के लिए पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

विधायक गोपाल मंडल ने शराबबंदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कि नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में शराबबंदी तो की है। लेकिन पुलिस कर्मी इस शराबबंदी का मजाक उड़ा रहे है। इन दिनों सरकारी मुलाजिम बहक गए हैं। जनप्रतिनिधि जब दारोगा या थाना अध्यक्ष से बात करता है तो सामने से पुलिस अधिकारी कहते हैं कि उनकी बातों को वह रिकॉर्ड कर रहे हैं। उन्होंने इस्माइलपुर थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाया। साथ ही ब्लॉक स्तर पर सीओ, बीडीओ व कर्मचारी की कार्यप्रणाली पर भी कटघरे में खड़ा किया।

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