Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होगी जदयू, पार्टी के इस दिग्गज नेता ने मांगी हिस्सेदारी

संसद के मानसून सत्र से पहले मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार की संभावना है। इस बीच जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा है कि यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार हुआ तो एनडीए के घटक दलों को भी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

jdu leader rcp singh fuels speculation of central cabinet expansion seeks share in nda government bihar politics
X

 आरसीपी सिंह

संसद के मानसून सत्र (monsoon session of parliament) से पहले मोदी कैबिनेट विस्तार (Modi cabinet expansion) होने के कयास लगाए जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीच बिहार (Bihar) के सियासी गलियारों से भी एक बड़ी खबर सामने आई है। जदूय (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल (central cabinet) में जदयू को भी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। मीडिया कर्मियों से संक्षिप्त बातचीत में आरसीपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल सभी घटक दलों को सम्मान मिलना चाहिए।

याद रहे लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार की 40 सीटों में से 34 सीटों पर भाजपा और जदयू ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बाकी की 6 सीटों पर रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी के प्रत्याशी खड़े हुए थे। उस वक्त नीतीश कुमार केंद्र में नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में ज्यादा हिस्सेदारी की उम्मीद कर रहे थे। क्योंकि 6 सीटों पर लड़ने वाली लोजपा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। तब रामविलास पासवान नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे। बिहार के सीएम एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार यह चाहते थे कि उनकी पार्टी से कम से कम 3 सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए थी।

याद रहे 2019 में 303 लोकसभा सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में जदयू ने शामिल होने से मना कर दिया था। उस वक्त जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार थे व उन्होंने मोदी मंत्रिमंडल में अपनी पार्टी से एक मंत्री बनाए जाने से नाराज होकर अंतिम समय में मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

पीएम नरेंद्र मोदी की टीम में अभी उनके अलावा 21 कैबिनेट मंत्री व 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 29 राज्य मंत्री हैं। कुछ मंत्रियों के पास कई मंत्रालय होने से मंत्रि परिषद के साथियों की कुल संख्या 54 है। सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों को मंत्रिपरिषद के भावी फेरबदल व विस्तार में शामिल किया जा सकता है। उनमें असम के पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, बैजयंत पांडा के नाम चर्चा में हैं। इस बार के विस्तार में जदयू को भी शामिल करने की स्थितियां बन सकती हैं। नरेंद्र मोदी सरकार में अभी बीजेपी के घटक दलों से एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। सहयोगी दलों में अकेले रिपब्लिकन पार्टी के रामदास आठवले राज्य मंत्री हैं। ऐसे में कुछ और घटक दलों को भी विस्तार में जगह दी जा सकती है।

Next Story