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सहरसा में पोषण आहार राशि दिलाने के नाम पर बच्चों के परिजनों से हो रही अवैध वसूली

बिहार के सहरसा में नवहट्टा पूर्वी पंचायत के सेविका द्वारा केंद्र के बच्चों के परिजन के खाते में डीबीटी राशि दिलाने के नाम पर100 रुपये वसूली करने का मामला सामने में आया है। मामले को लेकर सेविका व स्थानीय लोगों में कहा सुनी भी होने की बात सामने आई है।

in the name of providing nutritious food money in saharsa illegal collection is being done from the families of children
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार के सहरसा में नवहट्टा पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर 06 म् मामला तब सामने आया जब नवहट्टा पूर्वी पंचायत के एक वार्ड में सेविका शबनम प्रवीण जब लाभुक से प्रति बच्चे के परिजन से 100 रुपये मांगने गई। तब सेविका और स्थानीय लोगों में कहा सुनी हो गई। वार्ड 06 निवासी मो हसरत ने बताया कि सेविका शबनम परवीन ने हमारे घर पर आकर 100 रुपये मांगे। जब हमने रुपये देने से इनकार कर दिया तो सेविका शबनम प्रवीण ने केंद्र से बच्चों का नाम हटा देने की धमकी दी व कहा कि जिसके पास जाकर शिकायत करना है करो। मेरा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता है। यह लिया गया धन यहां से ऊपर तक सभी हाकिम तक जाता है। महिला इससे पहले भी सेविका पर पोषण आहार वितरण नहीं करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि सेविकाएं सभी राशि गबन कर देती थी। लेकिन, अब जब डीबीटी के माध्यम से बच्चों के परिजन के खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई तो अब लाभुकों से ही सेविकाओं ने वसूली करनी शुरू कर दी है।

नवहट्टा पूर्वी की सेविका शबनम परवीन ने अवैध रूप से वसूली मामले पर कहा कि हम अकेले थोड़ी लेते हैं। यहां तो सभी सेविका लेती हैं। सब लेती हैं लाभुकों से 100 रुपया इसलिए हम भी लेते हैं।

वहीं, इस मामले पर महिला प्रवेक्षिका लाडली नूरजहां ने कहा कि हमने 15 दिन पहले नवहट्टा बाल विकास परियोजना में तैनाती ली है। तैनाती लेने के बाद हम क्षेत्र नहीं गये हैं। इसलिए हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

उधर, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सौरव आलोक ने कहा कि यह गंभीर मामला है। किसी भी लाभुक से सेविका के द्वारा राशि वसूली करना दंडनीय अपराध है। हम अपने स्तर से मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे व जिला के उच्च अधिकारियों को भी कार्रवाई के लिए लिखेंगे।

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