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मध्याह्न भोजन योजना के नाम पर साइबर ठग फर्जी वेबसाइट से बेरोजगारों को लगा रहे चूना, सरकार ने किया आगाह

Cyber Crime: बिहार में एक योजना में सरकार द्वारा निकाली गई भर्तियों के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें साइबर क्रमिनल एक फर्जी वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सरकार ने इस तरह के झांसे में नहीं आने को लेकर आगाह किया है।

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ठगी 

Cyber Crime:: बिहार में बेरोजगारों को ठगी का शिकार बनाने के लिए साइबर क्रमिल भी सक्रिय हो चुके हैं। साइबर क्रमिनलों द्वारा मध्याह्न भोजन योजना में भर्तियों के लिए फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी की जा रही है। बिहार मध्याह्न भोजन योजना के नाम पर प्रखंड समन्वयक समेत कई पदों पर भर्तियों के लिए इस फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं। फर्जी वेबसाइट पर प्रति दिन सैकड़ों अभ्यर्थी आवेदन भी कर रहे हैं। फर्जी वेबसाइट के जरिए हर पद प्रखंड स्तर पर निकाला गया है। इन साइबर क्रमिनल के झांसे में ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादा अभ्यर्थी आ रहे हैं। ये इस फर्जी वेबसाइट पर ज्यादा एप्लीकेशन फॉर्म भी भर रहे हैं।

दूसरी ओर बिहार मध्याह्न भोजन योजना समिति के तहत राज्य सरकार द्वारा किसी तरह की भर्ती के लिए एप्लीकेशन फॉर्म नहीं निकाले गए हैं। वहीं विभाग ने सूबे के बेरोजगार युवाओं को इन साइबर ठगों के झांसे में नहीं आ जाने को लेकर आगाह और सावधान किया है।

पटना जिला शिक्षा कार्यालय ने जिला मध्याह्न भोजन योजना (मिड डे मिल योजना) के लिए पत्र जारी कर बिहार के सभी अभ्यर्थियों व बेरोजगार युवाओं इनसे सावधान रहने को लेकर आगाह किया है। मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक के आदेश पर अभ्यर्थियों को सावधान किया गया है। डीपीओ मध्याह्न भोजना योजना अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि अब तक विभिन्न अभ्यर्थी इस फर्जी वेबसाइट पर एप्लीकेशन फॉर्म भर चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक अभ्यर्थी के मेल करने की वजह से इस फर्जी नियुक्ति मामले का खुलासा हुआ।

एजेंसी के खिलाफ दर्ज कराई जाएगी प्राथमिकी

एजेंसी एक्टिनोट इट कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड भर्तियों के नाम पर सूबे में फर्जीवाड़ा कर रही है। वहीं यह एजेंसी अभ्यर्थियों से ऑफलाइन भी एप्लीकेशन फॉर्म मांग रही है। ऑफलाइन आवेदन के लिए एजेंसी ने हरनीचक, अनीसाबाद का पता भी दिया गया है। मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने इस फर्जीवाड़े मामले को लेकर सभी जिला शिक्षा कार्यालय को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए निर्देश जारी किया है। डीपीओ अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस फर्जीवाड़े के मामले से जुड़ी एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी।

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