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फोर्ब्‍स ने दुनिया के अरबपतियों की 2018 वाली लिस्ट में संप्रदा सिंह को किया था शामिल

फोर्ब्‍स ने दुनिया के अरबपतियों की 2018 में लिस्‍ट जारी की थी तो इस लिस्‍ट में संप्रदा सिंह का भी नाम शामिल था। संप्रदा सिंह की आज पुण्यतिथि है। आज इन्हें देशभर में आम लोगों के साथ ही उद्योग, सियासी जगत से जुड़े लोग याद करेंगे। बिहार के सबसे बड़े उद्योगपति संप्रदा सिंह का मुंबई के लीलावती अस्पताल में 27 जुलाई 2019 को 94 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

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उद्योगपति संप्रदा सिंह की फाइल फोटो

बिहार के जहानाबाद जिले के ओकरी गांव से निकल कर फोर्ब्स के उद्योगपतियों की सूची में शामिल होने वाले संप्रदा सिंह को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संप्रदा सिंह का जन्म 1925 में बिहार के जहानाबाद जिले के मोदनगंज प्रखंड के ओकरी गांव में हुआ था। संप्रदा सिंह गृह जनपद जहानाबाद से हमेशा जुड़े रहे रहे। सिंह ने पटना विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई की। पटना यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद संप्रदा सिंह खेती करना चाहते थे। संप्रदा सिंह के पिता के पास करीब 25 बीघा भूमि थी। वह सब्जी की खेती करना चाहते थे पर उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद गांव लौटने पर ग्रामीणों के तंज भी कसा। लोग कहते थे 'पढ़े फारसी बेचे तेल, देखो रे संप्रदा का खेल'।

संप्रदा सिंह ने साल 1953 में पटना में रिटेल केमिस्‍ट के तौर पर दवा की दुकान खोल कर कॅरियर की शुरुआत की थी। साथ ही वे अस्पतालों में दवा सप्लाई करने लगे। वर्ष 1960 पटना में मगध फार्मा के बैनर तले फार्मा डिस्‍ट्रीब्‍यूशन का व्यापार शुरू किया। कई विदेशी कंपनियों की डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप भी ले ली। लेकिन, वह कहां रुकने वाले थे। कारोबार के विस्‍तार के लिए वह मुंबई रवाना हो गये व नई पारी की शुरुआत कर दी। संप्रदा सिंह उस समय एक लाख रुपये की पूंजी लेकर मुंबई गए थे। मुंबई पहुंचकर उन्होंने अल्‍केम लैबोरोटरीज नाम की दवा कंपनी बनायी। पहले उन्होंने दूसरी दवा फैक्टरियों में अपनी दवा बनवाई। दवा की मांग बढ़ने पर संप्रदा ने अपनी दवा फैक्टरी शुरू की। संप्रदा सिंह 8 अगस्‍त, 1973 से ही अल्‍केम लैबोरेटरीज लिमिटेड के नॉन एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर रहे हैं। साल 2017 में फोर्ब्स इंडिया द्वारा जारी भारत के अमीरों की सूची में बिहार के संप्रदा सिंह ने रिलायंस ग्रुप के अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया था। संप्रदा सिंह को 43वां स्थान व अनिल अंबानी को 45वां स्थान मिला था। वहीं, फोर्ब्स की 'द वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट-2018'में संप्रदा सिंह की 1.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 1,867वें पायदान पर रहे थे।

बिहार में संप्रदा सिंह के निधन की खबर सुनकर शोक की लहर छा गई थी। इनके निधन से उद्योग जगत के साथ-साथ उनके निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक की लहर छा गई थी। बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने उन्हें जिले का अनमोल रत्न बताया और कहा कि उनके निधन से वे काफी मर्माहत हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा था कि संप्रदा बाबू ने साधारण किसान के घर में जन्म लेकर अपने कौशल और मेहनत से विशाल औद्योगिक साम्राज्य कायम किया, जो सारे लोगों के लिए अनुकरणीय है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने संप्रदा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था कि सिंह ने अपनी मेहनत से ऐसी पहचान बनाई, जिससे बिहार का नाम पूरी दुनिया में पहुंचा। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव ने भी संप्रदा सिंह के निधन पर शोक जताया था।

संप्रदा सिंह के निधन पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके जीवन के संघर्ष, उद्यमशीलता व उनकी सफलता को याद किया।

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