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SKMCH में चमकी बुखार से 5 वर्षीय बच्चे की मौत, बीमारी को लेकर पूरी तरह से अलर्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग

उत्तर बिहार में चमकी बुखार पिछले कई वर्षों से कहर बरपाता हुआ आ रहा है। यह बीमारी बरसात के मौसम की समाप्ती के बाद खत्म हो जाती है। बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से एक मासूम बच्चे ने और दम तोड़ दिया है।

Five year old child suffering from Chamki fever died in Muzaffarpur SKMCH bihar latest news
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प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर बिहार (Bihar) में मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) व उसके आसपास के जिलों में इस वर्ष भी जुलाई चमकी बुखार अपना कहर बरपाता हुआ दिखाई दे रहा है। मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच (SKMCH) उपचार के दौरान अब चमकी बुखार से एक मासूम बच्चे की मौत (innocent child dies of Chamki fever) हो गई है। बीती रात को सीतामढ़ी (Sitamarhi) निवासी एक पांच वर्षीय बच्चे अंकित ने एसकेएमसीएच में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बच्चे अंकित को 24 जुलाई को मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के शिशु विभाग में भर्ती कराया गया था। शिशु विभाग में बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीडीया आईसीयू (Pedia ICU) में शिफ्ट किया गया था।

एसकेएमसीएच में आरंभ से ही बीमार अंकित का उपचार एईएस प्रोटोकॉल के तहत जारी था। जांच रिपोर्ट में बच्चा एईएस से पीड़ित पाया गया। अंकित की मौत के बाद चमकी बुखार से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या 12 पर पहुंच गई है। वहीं एईएस से प्रभावित बच्चों की संख्या 54 पर जा पहुंची है। इस वर्ष जुलाई माह में चमकी बुखार के मामले सामने आने की वजह से लोग भयभीत हैं। एईएस बीमारी को लेकर एसकेएमसीएच शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष एवं उपाधीक्षक डॉक्टर गोपाल शंकर सहनी ने कहा कि वातावरण में उमस व नमी बनी हुई है। उसकी वजह से बच्चे रोग गस्त हो रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक इस जुलाई माह में पिछले 10 दिनों में चमकी बुखार के दर्जन से ज्यादा केस सामने आए हैं। वैसे इस माह में बारिश की समाप्ती के साथ ही एईएस बीमारी का प्रकोप खत्म हो जाता था। पर बदलते मौसम की वजह से बच्चे चमकी बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। एईएस रोग को लेकर एसकेएमसीएच का शिशु रोग विभाग भी अलर्ट है। यहां पीकू वार्ड में चमकी बुखार से ग्रस्त बच्चों के इलाज के लिए पूरी तैयारी है। एसकेएमसीएच इस बीमारी से संबंधित सभी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। बरसात के मौसम के बावजूद इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन अपने अभियान को जारी रखे हुए है।

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