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Ethnic Census : तेजस्वी का सवाल- कुत्ता-बिल्ली की गिनती होती है तो पिछड़े समूहों की क्यों नहीं?

राजद नेता तेजस्वी यादव ने जातीय जनगणना नहीं कराए जाने के निर्णय पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब हाथी, घोड़ा और साइकिल की गिनती हो सकती है, तो फिर ओबीसी की क्यों नहीं? वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी जातीय जनगणना को जरूरी बता चुके हैं।

tejashwi yadav raised demand for case based census on basis of facts and figures bihar latest news
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तेजस्वी यादव

बिहार (Bihar) में एक बार फिर जातिगत जनगणना (caste census) का मुद्दा उछलने लगा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) ने गुरुवार को मामले को लेकर एक के बाद एक ट्वीट कर सवाल पूछे। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) भी जातीय जनगणना (caste based census) कराए जाने के समर्थन में हैं। उन्होंने जातीय आंकड़े की जनगणना इस वजह से जरूरी बताया कि इससे हर तबके की तरक्की के लिए सही हालत स्पष्ट हो सकते हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि कुत्ता-बिल्ली, हाथी-घोड़ा, शेर-सियार और साइकिल-स्कूटर समेत सभी गिनती होती है। कौन किस धर्म का है, उस धर्म की संख्या कितनी है, इस बात की भी गिनती होती है। पर उस धर्म में निहित वंचित, उपेक्षित और पिछड़े समूहों की संख्या गिनने में क्या दिक्कत है? वहीं तेजस्वी ने लिखा कि उनकी जनगणना के लिए फॉर्म में सिर्फ एक कॉलम जोड़ने की आवश्यकता है।

अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा कि बिहार के दोनों सदनों में भाजपा भी जातीय जनगणना का समर्थन करती है। पर संसद में बिहार के ही कठपुतली मात्र पिछड़े वर्ग के राज्यमंत्री से जातीय जनगणना नहीं कराने की घोषणा करते हैं। वहीं तेजस्वी ने पूछा कि केंद्र सरकार ओबीसी (OBC) की जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती? भाजपा (BJP) को पिछड़े या अतिपिछड़े वर्गों से इतनी नफरत क्यों है?

अन्य ट्वीट में तेजस्वी यादव ने तर्क दिया कि जब तक पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या ज्ञात नहीं होगी। उस वक्त तक उनके कल्यानार्थ योजनाएं कैसे बने सकेंगी?उनकी शैक्षणिक, राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक बेहतरी कैसे हो पाएगी? उनकी संख्या के अनुपात में बजट कैसे आवंटित होगा? वे कौन लोग हैं, जो नहीं चाहते कि देश के संसाधनों में से सभी को बराबर की हिस्सेदारी मिले?

तेजस्वी यादव ने यह भी बताया कि जातीय जनगणना के लिए उनकी पार्टी ने एक लंबी जंग लड़ी है। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस जंग को जारी रखेंगे। तेजस्वी यादव ने इसको देश के बहुसंख्यक यानी कि करीब 65 प्रतिशत से ज्यादा वंचित, उपेक्षित, उपहासित, प्रताड़ित वर्गों के वर्तमान व भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा करार दिया। वहीं तेजस्वी ने तीखा सवाल पूछा कि भाजपा सरकार पिछड़े वर्गों के हिंदुओं को क्यों नहीं गिनना चाहती है? क्या वो लोग हिंदू नहीं हैं?

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