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जातिगत जनगणना: तेजस्वी यादव बोले- सीएम डेलिगेशन भेजकर पीएम मोदी तक पहुंचाएं बात

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बिहार में सियासत बिल्कुल गर्म है। केंद्र सरकार के इंकार के बाद खुद सीएम नीतीश कुमार भी इसके समर्थन में बोल चुके हैं। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा परिसर में मामले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के पास डेलिगेशन भेजे जाने की मांग उठाई है।

Demand of Tejashwi Yadav CM Nitish Kumar convey through delegation caste census issue for PM Narendra Modi
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पटना: विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव।

जातिगत जनगणना के मुद्दे (caste census issues) पर बिहार (Bihar) में सियासत और तेज होती जा रही है। केंद्र सरकार (central government) की ओर से जातिगत जनगणना कराने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने ट्वीट कर जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में बयान दिया था। उन्होंने लिखा था कि कल्याण कारी योजनाएं बनाए जाने के लिए जातिगत जनगणना कराना जरूरी है। सीएम नीतीश कुमार के इस बयान के बाद से ही जातिगत जनगणना के मुद्दे को लेकर प्रतिदिन नए-नए बयान सामने आ रहे हैं। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) ने विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में गुरुवार को विधानसभा परिसर में जातिगत जनगणना को लेकर नया बयान दिया है। जिसके बाद से ही जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सियासत और भी तेज हो गई है।

राजद नेता तेजस्‍वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ निशाना साधते हुए एक बार फिर मांग उठाई है कि राज्य में बिहार सरकार के खर्च पर जातीय जनगणना होनी चाहिए। साथ ही तेजस्वी यादव ने कहा कि जाति जनगणना कराने का प्रस्ताव पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सीएम नीतीश कुमार को पीएम मोदी तक बात पहुंचाने के लिए बिहार विधानसभा का एक प्रतिनिधिमंडल (delegation of Bihar Legislative Assembly) बनाना चाहिए।

वहीं तेजस्वी यादव ने मांग उठाई कि सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा की एक कमेटी बने। जो कमेटी जातिगत आधार पर जनगणना कराए जाने के मुद्दे को लेकर पीएम मोदी से बातचीत करे। अगर केंद्र सरकार जातीय जनगणना पर विचार नहीं करती है तो बिहार सरकार को अपने खर्चे पर ही जातिगत जनगणना करानी चाहिए।

वहीं तेजस्‍वी यादव ने आरोप जड़ा कि उनको सदन में प्रस्ताव लाने से बार-बार रोक रहे हैं। दुविधा से बचने के लिए सीएम नीतीश कुमार द्वारा ऐसा कराया जा रहा है। भाजपा भी जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव सदन से सर्वसम्मति से पास कर चुकी है। केंद्र में बीजेपी की सरकार है, इस वजह से वो इंकार कर रही है। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने विपक्ष के सभी नेताओं से विचार विमर्श करने के बाद निर्धारित किया है। हम ये प्रस्ताव हैं कि जब बिहार विधानसभा दो बार जातीय जनगणना को लेकर प्रस्ताव पारित हो चुका है तो अब हम इस कार्य को अंतिम स्टेज तक पहुंचाएंगे। यह किस वजह से नहीं हो पा रहा है या केंद्र सरकार ने किन वजहों से इसको कराने से मना कर रही है। इसको लेकर विचार विमर्श किया जाए। तेजस्वी यादव ने बताया कि उन्‍होंने प्रस्‍ताव दिया है कि एक कमेटी बने। साथ ही कमेटी का नेतृत्व स्वयं सीएम नीतीश कुमार करें। यह कमेटी पीएम नरेंद्र मोदी से समय लेकर उनसे मुलाकात करे। इस दौरान पीएम मोदी के समक्ष हम अपनी बातें रखेंगे।

वहीं तेजस्वी यादव ने बताया कि विपक्ष के नेताओं से एक बार फिर इस मसले को लेकर उनकी मीटिंग होने वाली है। उन्‍होंने कहा कि बैठक में हम यह निर्णय लेना चाहेंगे कि सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात कर इस पर सर्वसम्मति बनाई जाए। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि विधानसभा सदन में इसको लेकर हमारे द्वारा भरसक प्रयास किया गया है। लेकिन हमको प्रस्ताव लाने ही नहीं दिया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल व विशेष तौर लालू प्रसाद यादव इस मसले को आरंभ से ही उठाते रहे हैं। दूसरी ओर अब इस पर सीएम नीतीश कुमार को भी कोई एतराज नहीं है। ऐसे में हम सीएम नीतीश के समक्ष मांग करना चाहते हैं कि वह पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए वक्त मांग लें। फिर पीएम मोदी से बिहार विधानसभा का एक प्रतिनिधिमंडल मिले। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय जनता दल सहित सभी पार्टियों के सदस्य शामिल हों। फिर पीएम मोदी के समक्ष मांग उठाई जाए कि जनगणना के दौरान जो भी जातियां छूट गई हैं उन्हें इस जनगणना में शामिल किया जाए।

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