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दिव्यांग नाबालिग लड़की के साथ हाथ पैर बांधकर किया था रेप, कोर्ट ने दोषी को सुनाई 25 साल कैद की सजा

बिहार के दरभंगा में दिव्यांग किशोरी के हाथ पैर बांधकर उसके साथ रेप किया गया था। मामले में पॉस्को कोर्ट ने दोषी के खिलाफ सजा का ऐलान करते हुए पीड़िता के साथ न्याय कर दिया है। कोर्ट ने कुशेश्वरस्थान थाना इलाके निवासी दोषी संदीप राय को 25 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

Court sentenced convict for 25 years imprisonment in rape case of handicapped teenager of Darbhanga bihar latest news
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) के दरभंगा (Darbhanga) जिला में दिव्यांग नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप मामले (Rape case with handicapped minor girl) में कोर्ट ने फैसला सुना दिया (court decision) है। जिले के कुशेश्वरस्थान थाना स्थित एक गांव के रहने वाले संदीप राय पर शौच के लिए गई दिव्यांग नाबालिग लड़की के हाथ पैर बांधकर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। पॉस्को एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनय शंकर ने गुरुवार को रेप मामले में सजा का ऐलान करते हुए संदीप राय को 25 वर्ष सश्रम कारावास की सजा (rapist punished) व 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 6 पॉस्को एक्ट के तहत 20 साल कैद व 50 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 3 (2) एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट ने रेप मामले में संदीप राय को दोषी ठहरा दिया था। वहीं कोर्ट ने ऐलान किया है कि अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने की स्थिति में छह महीनों की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

इस केस में अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पराजित द्वारा बहस की गई। विजय कुमार पराजित के मुताबिक धारा 42 पॉस्को एक्ट के अनुपालन में भादवि की धारा और पॉस्को एक्ट की समतुल्य धारा में से सिर्फ उसी धारा में सजा बहाल रहेगी, जिसमें सजा की मात्रा अधिक होगी। इस कारण सिर्फ धारा 376 (3) भादवि व 3 (2) एस-सीएस टी एक्ट की सजा बहाल रहेगी। साथ ही दप्रस की धारा 357 अ, पॉस्को नियम और बिहार पीड़ित प्रतिकर (संशोधन) योजना 2018 के आधार पर पीड़ित नाबालिग के पुनर्वास हेतु 6 लाख रुपये का भुगतान करने का ऑडर दिया गया है। इसका भुगतान पीड़िता को स्थानीय जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा किया जाएगा।

विजय कुमार पराजित ने कहा कि 18 अक्टूबर 2018 की शाम 7 बजे दलित दिव्यांग किशोरी अपने गांव में शौच के लिए खेत में गई हुई थी। उस वक्त आरोपी संदीप ने किशोरी के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ रेप किया था। लड़की के घर लौटने में देरी होने पर उसकी मां व भाभी उसकी तलाश करने के लिए गईं। जहां दोनों ने आरोपी को पीड़िता के साथ गंदा काम करते हुए देखा।

इस वारदात को लेकर कुशेश्वरस्थान थाने में मामला दर्ज कराया गया था। कोर्ट में पुलिस अनुसंधानक ने द्वारा आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित करने के बाद 3 मई 2019 को संज्ञान लिया गया। इसके बाद 11 जुलाई 2019 को कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आरोप गठन किया गया। अभियोजन पक्ष की तरफ से पुलिस अनुसंधानक और डॉक्टरी समेत आठ ने गवाही दी गईं। कोर्ट ने आरोपी संदीप को रेप मामले में बीते 23 सितंबर को दोषी ठहराया था। आरोपी संदीप घटना के बाद से लगातार न्यायिक हिरासत में है।

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