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पत्नी-बेटों की मदद से घर में जाली नोट छापता था शख्स, पुलिस की छापेमारी कार्रवाई में हुआ भंडाफोड़

बिहार के मोतिहारी जिले में चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ है। यहां एक शख्स घर पर ही मशीन लगाकर जाली नोट छापता था। इस कार्य में पत्नी और बेटे भी सहयोग करते थे। वहीं पुलिस ने छापेमारी कार्रवाई करते हुए नकली नोट के कारोबार का पर्दाफाश कर दिया है।

Case busted of printing fake notes at home in Motihari Bihar crime news
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प्रतीकात्मक तस्वीर

बिहार (Bihar) के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस (Police) ने एक बड़े ही सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि मोतिहारी (motihari) के पताही थाना इलाके में नकली नोट छापने का काला कारोबार (business of printing fake notes) चल रहा था। पुलिस ने सफलतम कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। वहीं पुलिस इस धंधे में लिप्त तमाम आरोपियों को दबोच लिया है। वहीं इस धंधे में लिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी (arrest) के प्रयास में भी पुलिस जुटी हुई है। इस मामले की कड़ियों को सुलझाने में आईटी सेल भी जुटी हुई है।

मामले के संबंध में सिटी एसपी राजेश कुमार ने जानकारी दी कि मोतिहारी के पताही स्थित अपने घर में अजय नाम का शख्स नकली नोट छापा करता (printing counterfeit notes) था। यह शख्स इन जाली नोट को छापई में हाई क्वालिटी मशीन का इस्तेमाल करता था। जो लोग नकली नोट को नहीं पहचान पाएं। इस कार्य में शख्स को उसकी पत्नी (Wife) और दो बेटों की सहायता भी मिलती थी।

यह हैरतअंगेज केस पताही थाना क्षेत्र के रतन सायर का बताया गया है। यहां अजय महतो जाली नोट छापता था। वहीं इन नकली नोट को उसकी पत्नी और दो बेटे खिपाते थे। इसी कारोबार में इसी ग्राम में चार अन्य लोग भी लिप्त थे। ये ही लोग इन नकली नोट को अपनी कार से डिलेवर किया करते थे। वहीं बिहार पुलिस ने इन कार सवार आरोपियों को मोतीपुर के रतनपुरा में गाड़ियों की जांच करते वक्त गिरफ्त में ले लिया। पुलिस इनकी स्कॉर्पियो कार को भी जब्त कर लिया। इस दौरान इनके कब्जे से करीब नौ लाख नकली नोट और 10 मोबाइल बरामद हुए। इस मामले की जांच-पड़ताल में पुलिस के डीआईयू और आई सेल जुटी हुई है।

पुलिस गिरफ्त में आए गिरोह के लोग मुजफ्फरपुर, बेतिया, मोतिहारी, सिवान, गोपालगंल, मधुबनी, सीतामढ़ी और दरभंगा के निवासी बताए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन नकली नोटों को पंचायत चुनाव व शराब के काले कारोबार में ठिकाने लगाने की तैयारी थी। वैसे बिहार पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले ही इस गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है।

जाली नोट को छपाई करने के आरोप में अजय की पत्नी सुनीता देवी और उनके दो बेटों चितरंजन कुमार और मधुरंजन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं जाली नोट के धंधे में मदद करने के आरोप में गांव के ही रहने वाले राकेश महतो, राजा कुमार, पताही बड़ा शंकर निवासी गोलू सिंह, पकड़ीदयाल निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है।

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